जयपुर, 14 जुलाई । राजस्थान में मानसून की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। प्रदेश में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में राज्य के किसी भी जिले में उल्लेखनीय बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने 16 जुलाई से एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार यदि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसूनी तंत्र अनुकूल रहा तो उदयपुर संभाग से मानसून की दोबारा एंट्री होगी। इसके बाद बारिश का सिलसिला अरावली पर्वतमाला को पार करते हुए दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान से पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों तक पहुंच सकता है। 16 जुलाई को उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में बारिश होने की संभावना है।
मानसून के कमजोर पड़ते ही प्रदेश में एक बार फिर तेज धूप निकलने लगी है और दिन के तापमान में बढ़ोतरी मापी जा रही है।
सोमवार को श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके अलावा फलोदी में 39.4, बीकानेर में 39.2, जैसलमेर में 38.4, चूरू में 38.6, पिलानी (झुंझुनूं) में 38.2, अलवर में 38.1 और हनुमानगढ़ के संगरिया में 37.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान मापा गया।
बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। कई क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई के बाद खेतों को बारिश का इंतजार है। वहीं शहरों में तेज धूप और उमस के कारण लोगों को दिनभर गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले एक-दो दिन तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 16 जुलाई से दक्षिणी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां शुरू होने के साथ मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। यदि मौसम प्रणाली मजबूत रही तो इसके बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।



















