जांजगीर-चांपा, 20 जुलाई। विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत जांजगीर-चांपा जिले में ग्रामीण विकास को नई गति मिल रही है। योजना के माध्यम से एक ओर ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है, वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और कृषि को मजबूत करने के लिए स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ गांवों के समग्र विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
जिले के नवागढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पेंड्री में जोबी डूडमाही नाला पर दो गेबियन स्ट्रक्चर का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें खम्हन के खेत के पास लगभग 4.75 लाख रुपये और बलदाऊ के खेत के पास 4.74 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य चल रहा है। इन संरचनाओं के बनने से वर्षा जल का संरक्षण होगा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी और आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासन के अनुसार गेबियन स्ट्रक्चर बनने से जल संकट में कमी आएगी, कृषि कार्यों को स्थायी आधार मिलेगा और मिट्टी के कटाव पर भी प्रभावी नियंत्रण होगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण कार्य में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला है, जिससे उन्हें अपने गांव में ही नियमित आय का अवसर प्राप्त हो रहा है।
योजना से जुड़े श्रमिकों का कहना है कि अब उन्हें रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा है। गांव में ही काम मिलने से वे परिवार के साथ रहकर सम्मानपूर्वक आजीविका कमा रहे हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
योजना के लाभार्थी राकेश कुमार रोहिदास, सुनील कुमार ताम्रकर, द्रौपदी बाई, छठबाई, अमरिका बाई, रूखमणी कश्यप, गुड्डी, सुनीता, लता देवी, राधा देवी, लक्ष्मीबाई, बसंती बाई और लक्ष्मीन बाई सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार मिलने से परिवार की आय में बढ़ोतरी होगी। मजदूरी से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करना आसान होगा।
ग्रामीणों ने बताया कि विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत गेबियन स्ट्रक्चर, तालाब निर्माण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और अन्य आधारभूत विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इन कार्यों से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होने के साथ ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर लगातार रोजगार भी मिल रहा है।
ग्रामीणों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना रोजगार और विकास का प्रभावी माध्यम बन रही है। गेबियन स्ट्रक्चर जैसे स्थायी निर्माण कार्य भविष्य में किसानों के लिए सिंचाई का मजबूत आधार बनेंगे, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।



















