मास्को/वाशिंगटन, 29 जून। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने उत्तराधिकारी डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए उन्हें "लूजर" (हारा हुआ व्यक्ति) करार दिया। उन्होंने ट्रंप पर आत्ममुग्धता, घमंड और "खुलेआम भ्रष्टाचार" के आरोप भी लगाए। बाइडेन की यह टिप्पणी ट्रंप के साथ जून 2024 में हुई उस बहस की दूसरी बरसी पर आई है, जिसके बाद उन्होंने अंततः दोबारा राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था।
रूस के अंतरराष्ट्रीय सरकारी समाचार नेटवर्क रूस टुडे (आरटी) के अनुसार, बाइडेन ने मैरीलैंड डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से एक कैसीनो में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप की आलोचना की। यह कार्यक्रम नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के लिए उम्मीदवारों के प्रचार अभियान के तहत आयोजित किया गया था।
अपने संबोधन में बाइडेन ने ट्रंप पर नाटो को "जानबूझकर कमजोर करने और बर्बाद करने" का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रंप का ध्यान शासन से अधिक "घमंड वाले प्रोजेक्ट्स" पर रहा। बाइडेन ने दावा किया कि ट्रंप ने बॉलरूम के लिए जगह बनाने के उद्देश्य से व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को तुड़वाया, कैनेडी सेंटर पर अपना नाम लिखवाया, अपने सम्मान में एक मेहराब बनाने की योजना बनाई और लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल की मरम्मत के लिए अपने पसंदीदा ठेकेदार को काम सौंपा।
बाइडेन का संकेत लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल की लगभग 1.4 करोड़ डॉलर की लागत से कराई गई मरम्मत और दोबारा पेंटिंग की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह ठेका प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बिना उस कंपनी को दिया गया, जिसने पहले ट्रंप के एक गोल्फ क्लब में भी काम किया था।
पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रंप प्रशासन पर "अमेरिकी इतिहास में किसी भी प्रशासन में पहले कभी न देखे गए स्तर का भ्रष्टाचार" होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि व्हाइट हाउस में वापसी के बाद ट्रंप ने अरबों डॉलर कमाए हैं।
बाइडेन ने ट्रंप प्रशासन की उस योजना की भी आलोचना की, जिसके तहत 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल हिल दंगों के दौरान गलत तरीके से निशाना बनाए जाने का दावा करने वाले लोगों को मुआवजा देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मुआवजा देने के बजाय "बहुत लंबे समय तक जेल में रखा जाना चाहिए।"
हालांकि, ट्रंप पर तीखे हमले करने वाले बाइडेन खुद भी जून 2024 की राष्ट्रपति पद की बहस में अपने कमजोर प्रदर्शन को लेकर आलोचनाओं के केंद्र में रहे थे। उस बहस के दौरान वह कई बार भ्रमित नजर आए और अपनी बात पूरी नहीं कर सके। इसके बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने उनसे चुनावी दौड़ से हटने की सार्वजनिक अपील की। अंततः बाइडेन ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और तत्कालीन उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का समर्थन किया। बाद में राष्ट्रपति चुनाव में हैरिस को ट्रंप से हार का सामना करना पड़ा।


















