रायपुर 31 अक्टूबर : चक्रवात अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में जारी बारिश ने कई इलाकों को तरबतर कर दिया है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश दर्ज की गई है। बलरामपुर जिले के कुसमी में सर्वाधिक 28 सेंटीमीटर बारिश हुई है। बारिश का दौर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत हैं, लेकिन मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई है। रायपुर। छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। चक्रवात अर्नब के असर से शुक्रवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। उत्तरी छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम? राजधानी रायपुर में शनिवार, 31 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में आज अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बादल और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण मौसम में बदलाव बना रह सकता है। भारी बारिश के चलते खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जगदलपुर सबसे गर्म बारिश के बीच प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। बारिश के कमजोर होने के साथ अगले दो दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। 2 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग की 31 अक्टूबर की चेतावनी के अनुसार, शनिवार और रविवार को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। महत्वपूर्ण बात यह है कि मौसम विभाग ने 2 नवंबर के लिए प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। ऐसे में तापमान बढ़ने के अनुमान के बावजूद बारिश का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों के लिए भी जरूरी है कि वे बारिश की स्थिति को देखते हुए खेतों में कटाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाएं। मौसम के नए पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखना उपयोगी होगा।



















