नई दिल्ली, 02 नवंबर । रियल एसेट्स और प्राइवेट क्रेडिट मार्केट्स पर केंद्रित अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में फंड मैनेज करने और वैश्विक व घरेलू संस्थागत निवेशकों, एचएनआई और फैमिली ऑफिसों को इनवेस्टमेंट सॉल्यूशन देने वाली कंपनी ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड के शेयर आज स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ लिस्ट हुए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 1,665 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 0.487 प्रतिशत के सांकेतिक प्रीमियम के साथ 1,673 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 0.63 प्रतिशत के मामूली प्रीमियम के साथ 1,675.50 रुपये के स्तर पर हुई।
लगभग सपाट स्तर पर हुई लिस्टिंग के बाद इस शेयर की चाल में लगातार उतार चढ़ाव होता रहा। बिकवाली के दबाव में ये शेयर गिर कर 1,601 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। वहीं बाद में लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 1,762.50 रुपये के स्तर तक आ गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 1,731.20 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 66.20 रुपये यानी 3.98 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
कंपनी का 1,200 करोड़ रुपये का आईपीओ 26 से 28 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 5.51 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 13.80 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 4.81 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 1.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 72,07,207 शेयर जारी किए गए हैं। यह पूरा इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पर आधारित था, यानी इसके तहत कोई भी फ्रेश शेयर जारी नहीं किया गया है। आईपीओ के जरिये जुटाई गई पूरी रकम बेचने वाले प्रमोटर और शेयरहोल्डर एडेलवाइस सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के पास गई है। कंपनी को उम्मीद है कि इस लिस्टिंग से उसकी ब्रांड विजिबिलिटी बढ़ेगी और शेयरों को एक पब्लिक मार्केट मिलेगा।
ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 229.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 265.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 80.71 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 786.54 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 23 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 963.76 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 336.13 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में थोड़ी कमी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल 507.49 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 441.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 399.20 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 2,085.07 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,170.28 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 2,101.84 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 934.31 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 1,043.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 1,128.24 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 966.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,075.54 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 1,160.38 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।



















