नई दिल्ली, 06 नवंबर ग्लोबल मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र के दौरान बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे। आज डाउ जोन्स फ्यूचर्स भी भारी बिकवाली के दबाव में लाल निशान में कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। यूरोपीय बाजार में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला, जहां सूचकांकों में उतार-चढ़ाव होता रहा। ग्लोबल मार्केट की इस कमजोरी के बीच एशियाई बाजारों में भी आज सुबह से हाहाकार मचा हुआ है । एशिया के ज्यादातर प्रमुख बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इन चौतरफा नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत राहत देने वाले नजर आ रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान भारी गिरावट का माहौल रहा। अमेरिकी कांग्रेस में डेमोकेट्स का नियंत्रण आने के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर कड़े नियम लागू होने के डर से निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसके कारण चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। इस दबाव के चलते नैस्डैक कंपोजिट में पिछले 19 महीनों की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार के सत्र में नैस्डैक कंपोजिट 1,421.51 अंक यानी 5.52 प्रतिशत की भारी कमजोरी के साथ 24,315 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह एसएंडपी 500 इंडेक्स ने भी 334.89 अंक यानी 4.36 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज करते हुए 7,353.73 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। इसके साथ ही डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 3.44 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 51,523.06 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, डाउ जोन्स फ्यूचर्स आज फिलहाल 474.46 अंक यानी 0.92 प्रतिशत टूट कर 51,048.60 अंक के स्तर पर लाल निशान में कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है।
अमेरिकी बाजार में मचे इस हाहाकार के बीच यूरोपीय बाजार में पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला कारोबार होता हुआ दिखाई दिया। जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स 112.66 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26,325.01 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह ब्रिटेन के एफटीएसई इंडेक्स ने भी 46.55 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की सुस्ती दिखाते हुए 10,782.66 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया। इसके विपरीत, फ्रांस का सीएसी इंडेक्स बिकवाली के इस दबाव से उबरने में कामयाब रहा और 27.48 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 8,205.37 अंक के स्तर पर बंद हुआ।
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे इन नकारात्मक संकेतों के बीच आज सुबह एशियाई बाजार में भी चौतरफा बिकवाली का रुख बना हुआ नजर आ रहा है। एशिया के नौ प्रमुख बाजार में से आठ के सूचकांक भारी गिरावट के साथ लाल निशान में पहुंचे हुए हैं, जबकि सिर्फ भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी में ही बढ़त देखी जा रही है। गिफ्ट निफ्टी वैश्विक मंदी के इस बड़े झटके के बावजूद आज सुबह मजबूती के साथ खड़ा नजर आ रहा है। फिलहाल यह सूचकांक 53.50 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की बढ़त दिखाते हुए 24,653 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो घरेलू बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं।
दूसरी ओर, जापान के शेयर बाजार में आज सुबह से ही जबरदस्त गिरावट का नजारा दिख रहा है, जहां निक्केई 225 इंडेक्स 3,887.90 अंक यानी 6.37 प्रतिशत की भारी-भरकम मंदी के साथ 57,190 अंक के स्तर पर आ गया है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में भी आज बड़ी गिरावट का माहौल बना हुआ है, जहां चौतरफा बिकवाली के दबाव से फिलहाल यह सूचकांक 305.95 अंक यानी 5.68 प्रतिशत की जबरदस्त कमजोरी के साथ 5,077.85 अंक के स्तर पर फिसल गया है। इसी तरह ताईवान स्टॉक एक्सचेंज पर भी आज जबरदस्त दबाव बना हुआ है। इस दबाव की वजह से ताईवान वेटेड इंडेक्स 2,015.08 अंक यानी 4.85 प्रतिशत लुढ़क कर 39,559.64 अंक के स्तर पर आ गया है।
इंडोनेशिया के बाजार में भी आज बिकवाल पूरी तरह हावी नजर आ रहे हैं, जिसके कारण जर्काता कंपोजिट इंडेक्स 96.98 अंक यानी 1.93 प्रतिशत की मंदी के साथ 4,933.28 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी आज लाल निशान में फिसल गया है और फिलहाल यह सूचकांक 42.01 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 3,647.90 अंक के स्तर पर बना हुआ है।
हॉन्गकॉन्ग के शेयर बाजार में भी आज सुस्ती का रुख हावी है, जहां हैंगसेंग इंडेक्स फिलहाल 274.98 अंक यानी 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,522 अंक के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 16.88 अंक यानी 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,481.11 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी हल्के दबाव के बीच 7.20 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की सांकेतिक सुस्ती दिखाते हुए 5,172.26 अंक के स्तर पर बना हुआ है।


















