भोपाल, 04 नवंबर । दीपावली से पहले मध्य प्रदेश में सफाई व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। वेतन बढ़ाने, स्थायी नियुक्ति और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत चार प्रमुख मांगों को लेकर बुधवार से प्रदेशभर के सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। राजधानी भोपाल में हड़ताल का असर सुबह से ही दिखाई देने लगा। गली-मोहल्लों और बाजारों से कचरा नहीं उठाया गया, जबकि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगे वाहन भी ट्रांसफर स्टेशनों पर खड़े रहे। न्यू मार्केट समेत कई इलाकों में कचरा जमा होने लगा है।
सफाईकर्मियों ने साफ किया है कि सरकार के साथ बातचीत में मांगों पर ठोस निर्णय होने के बाद ही काम पर लौटने का फैसला लिया जाएगा। मांगों का समाधान नहीं होने पर हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रखने और दीपावली के दिन भी सफाई नहीं करने की चेतावनी दी गई है। त्योहार से ठीक पहले सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से नगर निगम और प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।
मंत्री और प्रमुख सचिव से होगी बातचीत
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों की सहमति से प्रदेशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया है। बुधवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रमुख सचिव मनोज दुबे से मुलाकात प्रस्तावित है। बातचीत में मांगों पर सकारात्मक निर्णय होता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा।यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगरीय निकायों और 374 नगर परिषदों के एक लाख से अधिक सफाईकर्मी इस आंदोलन में शामिल होंगे। हड़ताल के दौरान घरों से कचरा संग्रहण के साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई भी बंद रहेगी।
भोपाल में रोज निकलता है 850 टन कचरा
राजधानी में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 400 से अधिक वाहन संचालित होते हैं। प्रत्येक वाहन रोजाना दो से तीन चक्कर लगाकर कचरा एकत्र करता है। शहर के 17 गार्बेज ट्रांसफर स्टेशनों से कचरा कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी पहुंचाया जाता है। भोपाल में प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। ऐसे में हड़ताल लंबी चलने पर कचरा संग्रहण और निस्तारण की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ये हैं सफाईकर्मियों की चार प्रमुख मांगें
- सफाईकर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपए प्रतिमाह तय किया जाए।
- सभी सफाईकर्मियों को स्थायी किया जाए और ठेका व्यवस्था खत्म हो।
- पति या पत्नी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता दी जाए।
मंगलवार को जहांगीराबाद चौराहे पर लगाया था जाम
हड़ताल से एक दिन पहले मंगलवार को भी सफाईकर्मियों ने भोपाल में प्रदर्शन किया था। अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर से आए कर्मचारियों ने जहांगीराबाद चौराहे पर जाम लगा दिया था। कर्मचारियों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री निवास के घेराव की रणनीति बनाई। पुलिस ने बेरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे। समझाइश के बाद वे शाहजहांनी पार्क पहुंचे, जहां रात तक धरना जारी रखा।

















