मुंबई 23 मई : आयशर मोटर्स लिमिटेड ने Q4 FY26 के लिए ऑपरेशन से Rs 6,080.1 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बताया, जो पिछले साल इसी तिमाही के Rs 5,241.1 करोड़ से 16 परसेंट ज़्यादा है। तिमाही का नेट प्रॉफ़िट साल-दर-साल 12 परसेंट बढ़कर Rs 1,520.0 करोड़ हो गया, जो Rs 1,362.2 करोड़ था। टैक्स से पहले प्रॉफ़िट 16 परसेंट बढ़कर Rs 1,936.9 करोड़ हो गया। कंपनी की कमाई को उसके मोटरसाइकिल बिज़नेस में मज़बूत परफ़ॉर्मेंस और जॉइंट वेंचर VE कमर्शियल व्हीकल्स (VECV) के ज़्यादा कंट्रीब्यूशन से सपोर्ट मिला।
सीक्वेंशियल और एनुअल ग्रोथ सीक्वेंशियल बेसिस पर, ऑपरेशन से रेवेन्यू Q3 FY26 में बताए गए Rs 6,114.0 करोड़ से 0.6 परसेंट कम हुआ। हालांकि, तिमाही नेट प्रॉफ़िट 1,420.6 करोड़ रुपये से 7.0 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टैक्स से पहले प्रॉफ़िट 1,793.2 करोड़ रुपये से 8.0 प्रतिशत बढ़ा। Q4 FY26 में VECV से प्रॉफ़िट का हिस्सा तेज़ी से बढ़कर 322.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 182.9 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान कुल खर्च 4,818.3 करोड़ रुपये रहा, जो Q4 FY25 के 4,200.3 करोड़ रुपये से ज़्यादा है।
कंपनी ने FY26 के दौरान नए लेबर कोड लागू करने से जुड़े नियमों से जुड़े 55.45 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल चार्ज की भी रिपोर्ट दी। किस वजह से ये नंबर बढ़े? कंपनी ने कहा कि VE कमर्शियल व्हीकल्स के ज़्यादा योगदान ने तिमाही के दौरान कंसोलिडेटेड प्रॉफ़िटेबिलिटी को सपोर्ट किया। कस्टमर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट से रेवेन्यू एक साल पहले के 5,150.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,960.9 करोड़ रुपये हो गया। दूसरी ऑपरेटिंग इनकम भी बढ़कर 119.2 करोड़ रुपये हो गई।
एम्प्लॉई बेनिफिट खर्च बढ़कर Rs 415.6 करोड़ हो गया, जबकि डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन खर्च बढ़कर Rs 231.7 करोड़ हो गया। तिमाही के लिए डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर पिछले साल की समान तिमाही के Rs 49.58 से बढ़कर Rs 55.30 हो गया। आयशर मोटर्स ऑटोमोबाइल प्रोडक्ट्स और उससे जुड़े कंपोनेंट्स के सिंगल बिज़नेस सेगमेंट में काम करती है। पूरे साल का परफॉर्मेंस FY26 के लिए, ऑपरेशन्स से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू FY25 के Rs 18,870.4 करोड़ से 24 परसेंट बढ़कर Rs 23,407.6 करोड़ हो गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर के Rs 4,734.4 करोड़ के मुकाबले इस साल नेट प्रॉफिट 16 परसेंट बढ़कर Rs 5,515.2 करोड़ हो गया। टैक्स से पहले प्रॉफिट Rs 5,933.1 करोड़ से बढ़कर Rs 7,102.1 करोड़ हो गया। बोर्ड ने FY26 के लिए Rs 82 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की, जो शेयरहोल्डर की मंजूरी पर निर्भर है।



















