घास भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, उपसरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग

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घास भूमि पर अतिक्रमण का आरोप, उपसरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग

धमतरी, 24 जून । ग्राम पंचायत कलारतराई के ग्रामीणों ने ग्राम के उपसरपंच पर शासकीय घास भूमि एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत में कहा गया है कि कोलियारी-खरेंगा मार्ग स्थित ग्राम कलारतराई की शासकीय घास भूमि पर अवैध रूप से व्यावसायिक परिसर का निर्माण कर चार दुकानों का संचालन कराया जा रहा है।

शिकायत के अनुसार उक्त परिसर में एनकेडीजे, ग्राहक सेवा केंद्र, बीमा सेंटर एवं आरटीओ कार्य तथा बेकरी एवं केक सेंटर संचालित किए जा रहे हैं और दुकानों को किराए पर देकर आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पंचायत की शासकीय नाली पर भी अतिक्रमण कर बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक मूत्रालय के लिए चिन्हित भूमि पर एक और व्यावसायिक परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। जिम्मेदार पद पर रहते हुए अतिक्रमण किए जाने से गांव में अवैध कब्जों को बढ़ावा मिल रहा है तथा शासकीय संपत्तियों के संरक्षण पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।इस संबंध में ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय धमतरी, राजस्व विभाग तथा ग्राम पंचायत कलारतराई को भी प्रतिलिपि प्रेषित की है।शिकायत करने वालों में कुंदन साहू, अशोक, अर्जुन सोनवानी, विनोद निर्मलकर, नरेंद्र ध्रुव, परमेश्वर साहू, गोपी चंद साहू, भीखम निर्मलकर पंच, कमलेश साहू, अशी निर्मलकर, गुमेश साहू, उदे साहू, हरपाल, प्रताप, कोमल, उदे निर्मलकर, देवानंद साहू, दुष्यंत साहू, देवकुमारी, योगेश्वरी, ओमीन, किरण, धनेसरी, निशा, प्रभा, गोविंदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के नाम शामिल हैं।

पंचायत के उपयोग के लिए सुरक्षित की जाए जमीन:

ग्रामीणों ने मांग की है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे पंचायत के उपयोग के लिए सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में वहां व्यावसायिक परिसर, यात्री प्रतीक्षालय अथवा अन्य जनहितकारी सुविधाओं का निर्माण कराया जा सके। साथ ही जिस स्थान पर पहले सार्वजनिक मूत्रालय प्रस्तावित था, वहां पुनः सार्वजनिक मूत्रालय का निर्माण कराया जाए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि पद का दुरुपयोग करने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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