नई दिल्ली : विश्व योग दिवस 2026 के नजदीक आते ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने हृदय स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। मंत्रालय का कहना है कि आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अपनी कमाई और उपलब्धियों पर ध्यान देते हैं, लेकिन दिल की सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि दिल ही शरीर की हर धड़कन का आधार है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार लगातार तनाव, भागदौड़ और अनियमित दिनचर्या दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। ऐसे में योग, ध्यान और प्राणायाम को दैनिक जीवन में शामिल करना बेहद जरूरी माना गया है। नियमित योगाभ्यास से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, कोलेस्ट्रॉल संतुलित होता है और हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
आयुष मंत्रालय ने विशेष रूप से भुजंगासन, शवासन, अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार जैसे योगासन को दिल के लिए फायदेमंद बताया है। भुजंगासन रीढ़ और शरीर की मुद्रा को सुधारता है, शवासन तनाव कम कर शरीर को आराम देता है, अनुलोम-विलोम प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर मन को शांत करता है, जबकि सूर्य नमस्कार पूरे शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन योगासनों का नियमित अभ्यास रक्त संचार को बेहतर करता है और हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करता है। साथ ही मानसिक तनाव कम होने से भावनात्मक संतुलन भी बना रहता है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि रोजाना सुबह कम से कम 30 से 45 मिनट योग और प्राणायाम के लिए समय निकालना चाहिए। इसके साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और सकारात्मक सोच को भी जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। कुल मिलाकर, योग न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि दिल को भी मजबूत बनाकर एक स्वस्थ और लंबा जीवन जीने में मदद करता है।


















