एसएमआर ज्वेल्स की स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री, नुकसान में आईपीओ निवेशक


व्यापार 08 June 2026
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एसएमआर ज्वेल्स की स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री, नुकसान में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 08 जून। डिजाइनर हेरिटेड ज्वेलरी का काम करने वाली कंपनी एसएमआर ज्वेल्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 128 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 19.57 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 102.95 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का जोर बन जाने के कारण इस शेयर की स्थिति में मामूली सुधार भी हुआ।

दोपहर 11 बजे तक कंपनी के शेयर 108 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह से अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक 15.38 प्रतिशत के नुकसान में थे।

एसएमआर ज्वेल्स का 63.74 करोड़ रुपये का आईपीओ 26 मई से तीन जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.09 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 5.41 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सौ प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 30 प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 51 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 9.80 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयर के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी ज्वेलरी स्टूडियो का निर्माण करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एसएमआर ज्वेल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 91 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 3.85 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 10.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 18.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 67.53 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 124.52 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 263.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 308.72 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.33 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 7.65 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 16.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.88 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 24.14 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 42.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.03 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.87 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 19.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 28.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें, तो 2022-23 में ये 1.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.14 करोड़ रुपये और 2024-25 में 15.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 26.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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