हरदा, 08 जून । मध्य प्रदेश के हरदा जिले की सिराली तहसील में सोमवार को स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए बिजली बिलों और बार-बार हो रही बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) को हटाने की मांग भी उठाई।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उनका कहना है कि पहले जहां सामान्य बिल आते थे, वहीं अब कई गुना अधिक राशि के बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि यह प्रणाली आम लोगों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि प्रीपेड मीटर के कारण रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बंद होने का खतरा बना रहता है, जिससे उपभोक्ताओं में असुरक्षा की भावना है।
फुटकर व्यापारी संघ के जिलाध्यक्ष शेख असलम ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय जेई योगेश गौर उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए उन्हें तत्काल यहां से हटाया जाना चाहिए।स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतें और मांगें बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएंगी।
वहीं, जेई योगेश गौर ने बताया कि सिराली क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान चल रहा है और अधिकांश स्थानों पर मीटर लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर गांव में स्मार्ट मीटर नहीं लगाने की मांग की है, जिसे उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कंपनी उनकी आपत्तियों के बावजूद जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है और शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

















