काठमांडू, 30 जुलाई । नेपाल के गृह प्रशासन ने धार्मिक स्थलों में तेज आवाज में लाउडस्पीकर, माइक या साउंड बॉक्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
गृह मंत्रालय ने एक सूचना जारी करते हुए देश के सभी मठ-मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, गुम्बाओं (बौद्ध विहारों) सहित अन्य धार्मिक स्थलों को अपनी गतिविधियों का संचालन करते समय तेज ध्वनि का प्रयोग न करने का निर्देश दिया है। प्रशासन का कहना है कि तेज आवाज के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों में गंभीर मानसिक बीमारियों का जोखिम बढ़ गया है।
इस संदर्भ में गृह प्रशासन ने सर्वोच्च अदालत के 1 जनवरी 2024 के फैसले और नेपाल राजपत्र में प्रकाशित ध्वनि मानकों की भी याद दिलाई है। सरकारी मानकों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय 45 डेसिबल और रात के समय 40 डेसिबल तक ही आवाज की अनुमति है। शहरी आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 डेसिबल और रात में 50 डेसिबल तक आवाज बजाने की अनुमति होगी। गृह प्रशासन ने इन मानकों का उल्लंघन न करते हुए ही लाउडस्पीकर, माइक, साउंड बॉक्स आदि का उपयोग करने का आग्रह किया है।



















