भोपाल मध्य प्रदेश 23 अप्रैल: महिला आरक्षण को लेकर बुधवार को राजधानी में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया, जब महिला कांग्रेस के नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी कार्यालय की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने हाथों में लॉलीपॉप और खिलौने (झुनझुना) के प्रतीकात्मक प्लेकार्ड लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा और महिलाओं के लिए संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग दोहराई। Indian National Congress की राज्य महिला इकाई द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष रीना बोरासी ने किया। प्रदर्शनकारी नेताओं का आरोप था कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे पर केवल प्रतीकात्मक कदम उठा रही है और वास्तविक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।
रीना बोरासी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल के पक्ष में है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस दिशा में गंभीर कदम उठाने के बजाय डिलिमिटेशन बिल को आगे बढ़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर सरकार केवल आश्वासन दे रही है, जबकि जमीन पर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस नेताओं ने ‘लॉलीपॉप’ और ‘झुनझुना’ जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल कर सरकार पर व्यंग्य किया, जिससे विरोध प्रदर्शन और अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला बन गया। नेताओं ने कहा कि यह प्रतीक इस बात को दर्शाते हैं कि महिलाओं को अधिकारों के नाम पर सिर्फ दिखावे की चीजें दी जा रही हैं।
मार्च के दौरान पुलिस ने सुरक्षा कारणों से भाजपा कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड्स लगा दिए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कुछ महिला नेताओं ने बैरिकेड्स पार करने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्का टकराव भी हुआ। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की भी की। हालांकि, पुलिस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रदर्शन का उद्देश्य महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग को मजबूती से उठाना था। महिला कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सवाल है। पूरे प्रदर्शन के दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। यह विरोध प्रदर्शन राजधानी में राजनीतिक बहस को और तेज कर गया है, जहां महिला आरक्षण को लेकर विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


















