चेन्नई, 28 अप्रैल । तमिलनाडु ने लगातार दूसरे वर्ष दो अंकों की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। राज्य के उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राज़ा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध विकास और मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व का परिणाम है।
केंद्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के आधार पर मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की आर्थिक वृद्धि कोई खोखला दावा नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों, निवेश आधारित विकास और सतत औद्योगिक विस्तार का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि “द्रविड़ मॉडल” के विकास ने राज्य को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राज़ा ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पहले से ही औद्योगिक रूप से मजबूत राज्य का इस रफ्तार से आगे बढ़ना वैश्विक स्तर पर भी दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में तमिलनाडु की यह विकास दर विशेष महत्व रखती है और यह राज्य की आर्थिक क्षमता को दर्शाती है।
मंत्री ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व, दूरदर्शी नीतियों और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि लगातार प्रयासों और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का परिणाम है।
टी. आर. बी. राज़ा ने आगे कहा कि यदि यही विकास दर अगले 15 से 20 वर्षों तक बनी रहती है, तो तमिलनाडु भी चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तरह तेज आर्थिक प्रगति का उदाहरण बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु को वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में तमिलनाडु निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “तमिलनाडु बढ़ रहा है, तमिलनाडु मार्गदर्शन कर रहा है।”
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले सामने आई इस आर्थिक उपलब्धि ने राजनीतिक और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। इसे राज्य सरकार के प्रदर्शन और विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।


















