ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए “100 सीट चोरी” के आरोपों का अधीर रंजन ने किया समर्थन


देश 05 May 2026
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ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए “100 सीट चोरी” के आरोपों का अधीर रंजन ने किया समर्थन

कोलकाता, 05 मई। पश्चिम बंगाल की चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है, वह एक बड़ा राजनीतिक बदलाव जरूर है, लेकिन ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए “100 सीट चोरी” के आरोपों को भी पूरी तरह नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा बना रहे।

भाजपा की जीत को लेकर उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं बल्कि जनता के मूड में बदलाव का संकेत है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी भी लहर को स्थायी मान लेना जल्दबाज़ी होगी और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण फिर बदल सकते हैं।

चुनाव परिणाम के बाद राज्य के विभिन्न इलाकों में सामने आ रही हिंसा की घटनाओं पर उन्होंने गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि अगर नई सरकार सच में “परिवर्तन” की बात करती है तो उसे सबसे पहले कानून-व्यवस्था को मजबूत करना होगा और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति से दूर रहना होगा।

राज्य की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब सत्ता परिवर्तन केवल औपचारिकता भर रह गया है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री द्वारा अभी तक इस्तीफा न भेजे जाने से राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।

नई सरकार से लोगों की उम्मीदों पर उन्होंने कहा कि जनता अब विकास, रोजगार और शांति चाहती है। सिर्फ सत्ता परिवर्तन से कुछ नहीं होगा, सरकार को ज़मीनी स्तर पर काम करके भरोसा जीतना होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में ढील और हरीश चटर्जी स्ट्रीट पर आम आवाजाही शुरू होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह बदलाव का प्रतीक हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

राष्ट्रीय राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम के नतीजों के बाद विपक्षी गठबंधन की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने माना कि विपक्ष को आत्ममंथन की जरूरत है, लेकिन इसे पूरी तरह बिखराव कहना सही नहीं होगा।

चुनाव से पहले अभिषेक बनर्जी की कथित सख्ती और बयानबाज़ी पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में डर या दबाव की राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और जनता ने अपने तरीके से इसका जवाब दिया है। अपने चुनावी हार पर बोलते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन जिले में कांग्रेस को दो सीटें मिलना कार्यकर्ताओं के लिए उम्मीद की बात है।

वहीं हुमायूं कबीर की जीत पर उन्होंने कहा कि यह स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की पकड़ और जनता के समर्थन को दर्शाता है, जिसे आगे और मजबूत करने की जरूरत है।

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