जांजगीर-चांपा, 04 मई। जिले में सोमवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंचे। तेज धूप के बीच बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक धरना स्थल पर एकत्रित हुए, जिससे प्रशासन में भी हलचल देखी गई।
धरना-प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहले से बैरिकेडिंग कर दी थी, ताकि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब विधायक कश्यप के समर्थकों की पुलिस से झड़प हो गई। झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ते हुए कलेक्टर कार्यालय के गेट तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद विधायक ब्यास कश्यप अपने समर्थकों के साथ छाता लेकर कलेक्टर कार्यालय के सामने सत्याग्रह आंदोलन में डटे रहे। इस दौरान अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
धरने के दौरान विधायक कश्यप ने आरोप लगाया कि विधायक निधि, जिला खनिज न्यास और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व की राशि पर प्रभारी मंत्री द्वारा रोक लगाई जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन निधियों की स्वीकृति में पक्षपात किया जा रहा है और भाजपा नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
विधायक ने मांग की कि विधायक निधि, डीएमएफ और सीएसआर की राशि को विधायकों के प्रस्ताव के अनुसार ही स्वीकृत और जारी किया जाए, ताकि क्षेत्रीय विकास कार्य प्रभावित न हों।
धरना-प्रदर्शन के चलते कलेक्टर कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।



















