फिट रहने के लिए आमतौर पर लोग घंटों जिम में पसीना बहाने या लंबी एक्सरसाइज रूटीन अपनाने को जरूरी मानते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक नई स्टडी ने इस धारणा को काफी हद तक बदल दिया है। अध्ययन के अनुसार, बहुत कम समय की शारीरिक गतिविधि भी स्वास्थ्य पर बड़ा सकारात्मक असर डाल सकती है। ‘लैंसेट’ में प्रकाशित एक मेटा-स्टडी के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोजाना केवल पांच मिनट भी किसी न किसी तरह की कसरत करता है, तो असमय मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस तरह की छोटी लेकिन नियमित शारीरिक गतिविधियों से लगभग हर दस में से एक असमय होने वाली मौत को रोका जा सकता है।
अध्ययन में यह पाया गया कि नियमित रूप से हल्की से मध्यम शारीरिक गतिविधि, जैसे तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना या हल्की एक्सरसाइज करना, शरीर की मेटाबॉलिक एक्टिविटी को बेहतर बनाता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की तुलना में थोड़ी-थोड़ी देर की एक्टिविटी भी शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास समय की कमी एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण वे नियमित व्यायाम नहीं कर पाते। ऐसे में यह अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि स्वास्थ्य सुधार के लिए जरूरी नहीं कि लंबी एक्सरसाइज ही की जाए, बल्कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यह स्टडी खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो ऑफिस वर्क, लंबे समय तक बैठकर काम करने या व्यस्त दिनचर्या के कारण फिजिकल एक्टिविटी नहीं कर पाते। उनके लिए दिन में सिर्फ कुछ मिनट की हलचल भी लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि केवल पांच मिनट की एक्सरसाइज को अंतिम लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि इसे एक शुरुआती कदम के रूप में देखा जाना चाहिए, जिससे धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि को बढ़ाया जा सके। कुल मिलाकर, यह अध्ययन इस बात की ओर इशारा करता है कि स्वास्थ्य के लिए हर छोटी कोशिश मायने रखती है और फिट रहने के लिए हमेशा भारी-भरकम वर्कआउट जरूरी नहीं होता।


















