भोपाल, 04 जून । मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल शहर में पर्याप्त जल उपलब्धता के बावजूद कोलार परियोजना की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज के कारण 75 से अधिक इलाकों में पेयजल संकट गहरा गया है।
पिछले तीन दिनों से पाइपलाइन की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके चलते प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति बंद है। नगर निगम की ओर से टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को बांसखेड़ी क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचीं नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के सामने स्थानीय रहवासियों ने अपनी समस्याएं रखीं। लोगों ने बताया कि कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है और टैंकरों से मिलने वाला पानी जरूरत के मुकाबले पर्याप्त नहीं है।
1650 एमएम की मुख्य पाइपलाइन में आया था लीकेज
जानकारी के अनुसार, कोलार परियोजना की 1650 एमएम व्यास की ग्रेविटी पाइपलाइन में लीकेज आने के बाद मरम्मत कार्य जारी है। इसके चलते कोलार लाइन से जुड़े तुलसी नगर, शिवाजी नगर, जेपी अस्पताल क्षेत्र सहित कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है। नगर निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से पानी पहुंचाना शुरू किया है, लेकिन कई स्थानों पर मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में कुछ परिवारों को निजी टैंकरों और अन्य स्रोतों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कमिश्नर के सामने रखीं समस्याएं
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आयुक्त को जलापूर्ति व्यवस्था में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया। कोलार क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पाइपलाइन में बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं और मरम्मत कार्यों के कारण उन्हें नियमित रूप से जलसंकट झेलना पड़ता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और मरम्मत कार्य पूरा होने तक प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
टैंकरों पर उमड़ रही भीड़
जलापूर्ति बाधित होने के कारण प्रभावित कॉलोनियों में टैंकर पहुंचते ही पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। कई स्थानों पर रहवासी घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। नागरिकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की कमी से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
















