काठमांडू, 25 सितंबर । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में असमानता पर सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया में हथियारों की आपूर्ति के लिए तेज और प्रभावी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन किसानों तक खाद और ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था कमजोर है।
संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा को शुक्रवार सुबह संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल, राइफल और गोला-बारूद निर्धारित समय पर दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंच जाते हैं, लेकिन नेपाल के किसान जरूरत के समय बाजार मूल्य पर भी खाद और ईंधन नहीं खरीद पाते।
उन्होंने कहा, “हमने युद्ध के लिए त्रुटिहीन लॉजिस्टिक्स प्रणाली और खाद्य पदार्थों के लिए बिखरी हुई लॉजिस्टिक्स प्रणाली वाली दुनिया बना दी है।” शाह ने कहा कि जिस देश के लोग किसी आवश्यक वस्तु की कीमत चुका सकते हैं, उन्हें वह वस्तु खरीदने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब दुनिया 72 घंटे के भीतर हथियारों को कहीं भी पहुंचा सकती है, तो किसानों को सम्मानजनक आजीविका के साधनों से वंचित रखने का कोई बहाना नहीं हो सकता।
प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को जलवायु न्याय और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि कमजोर और विकासशील देशों के लोगों को उन संकटों का बोझ उठाना पड़ रहा है, जिन्हें उन्होंने पैदा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन नेपाल जैसे देशों को प्रभावित कर रहा है, जबकि वैश्विक आपूर्ति शृंखला की कमजोरियां गरीब आबादी पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं।


















