कोरबा, 19 अक्टूबर । कोरबा जिले में मेधावी विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन की दिशा परियोजना के तहत निशुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। कक्षा दसवीं की वर्ष 2026 की परीक्षा की मेधा सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 150 विद्यार्थियों को इस योजना के लिए चयनित किया गया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में चयनित विद्यार्थियों और उनके पालकों को योजना, कोचिंग की व्यवस्था, आवासीय सुविधाओं तथा आगे की पढ़ाई के संबंध में जानकारी दी।
कलेक्टर दुदावत ने कहा कि दिशा परियोजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें जेईई तथा नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए उचित वातावरण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और कठिन विषयों का लगातार अभ्यास करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ अनुशासन, धैर्य और निरंतर अभ्यास जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी तैयारी का नियमित मूल्यांकन करते हुए कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पालकों से भी बच्चों को प्रोत्साहित करने और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की अपील की।
कलेक्टर ने बताया कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। दिशा परियोजना के तहत चयनित विद्यार्थियों में जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम है अथवा जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के परिवारों से आते हैं, उनके जेईई, नीट आदि परीक्षाओं में चयनित होने पर प्रशिक्षण और आगे की पढ़ाई का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा। इससे पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने की नौबत नहीं आएगी।
बैठक में विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन की दिनचर्या और उच्च शिक्षा से जुड़े सवाल पूछे। कलेक्टर ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखने के लिए प्रेरित किया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, चयनित विद्यार्थी और उनके पालक उपस्थित थे।


















