बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन अपनी खूबसूरती और शानदार अभिनय के साथ-साथ फिल्मों में निभाए गए यादगार किरदारों के लिए भी जानी जाती हैं। उनकी फिल्म देवदास का गाना 'डोला रे डोला' आज भी हिंदी सिनेमा के चर्चित डांस नंबरों में गिना जाता है। इस गाने में ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने अपने नृत्य से दर्शकों का दिल जीत लिया था। लेकिन इस भव्य गाने की शूटिंग के पीछे एक ऐसा किस्सा भी है, जो ऐश्वर्या की काम के प्रति प्रतिबद्धता को सामने
भारी झुमकों के कारण घायल हुए थे कान फिल्म देवदास के गाने 'डोला रे डोला' में ऐश्वर्या राय ने पारो का किरदार निभाया था, जबकि माधुरी दीक्षित चंद्रमुखी के रूप में नजर आई थीं। गाने में दोनों अभिनेत्रियों ने पारंपरिक परिधानों और भारी आभूषणों के साथ शास्त्रीय नृत्य की झलक पेश की थी। इस गाने की शूटिंग के दौरान ऐश्वर्या ने बड़े और भारी झुमके पहने हुए थे। लगातार नृत्य करने और झुमकों के वजन के कारण उनके कानों पर दबाव पड़ा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसी वजह से उनके कानों में चोट लग गई और खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने उस समय शूटिंग बंद नहीं की।
संजय लीला भंसाली की फिल्म का था गाना 'डोला रे डोला' साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म देवदास का हिस्सा था। इस फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया था। फिल्म में शाहरुख खान ने देवदास, ऐश्वर्या राय ने पारो और माधुरी दीक्षित ने चंद्रमुखी का किरदार निभाया था। गाने में ऐश्वर्या और माधुरी की जुगलबंदी खास आकर्षण रही। दोनों ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य किया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। गाने की कोरियोग्राफी सरोज खान ने की थी। इसमें कथक और भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों के तत्वों का इस्तेमाल किया गया था। इस गाने को शानदार बनाने के लिए नृत्य की मुद्राओं, तालमेल और भाव-भंगिमाओं पर विशेष ध्यान दिया गया था। दोनों अभिनेत्रियों को कई बार एक ही स्टेप को दोहराना पड़ा। ऐसे में भारी आभूषणों और लंबे समय तक चलने वाली शूटिंग ने ऐश्वर्या के लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी।
दर्द के बावजूद जारी रखी शूटिंग मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि कानों से खून बहने के बावजूद ऐश्वर्या ने अपने दर्द को जाहिर नहीं होने दिया और गाने की शूटिंग जारी रखी। सेट पर मौजूद लोगों को उनकी चोट के बारे में तुरंत जानकारी नहीं हुई। शूटिंग पूरी होने के बाद जब कानों से खून निकलने की बात सामने आई, तब लोगों को उनकी परेशानी का पता चला। इस घटना का जिक्र अक्सर ऐश्वर्या के पेशेवर समर्पण के उदाहरण के तौर पर किया जाता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शूटिंग के दौरान कितनी देर तक उनके कानों से खून बहता रहा या उन्हें बाद में किस तरह का उपचार दिया गया। किसी भी फिल्म की शूटिंग में कलाकारों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। भारी कॉस्ट्यूम, आभूषण, लगातार नृत्य और बार-बार टेक देने के कारण शारीरिक थकान भी हो सकती है। ऐश्वर्या से जुड़ा यह किस्सा इसी चुनौती को सामने लाता है।
आज भी याद किया जाता है 'डोला रे डोला' देवदास के इस गाने की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित की शानदार प्रस्तुति रही। दोनों अभिनेत्रियों की अलग-अलग नृत्य शैलियों और पर्दे पर उनकी जुगलबंदी ने गाने को खास पहचान दिलाई। फिल्म के रिलीज होने के वर्षों बाद भी 'डोला रे डोला' को बॉलीवुड के यादगार डांस नंबरों में शामिल किया जाता है। इसकी भव्यता, पारंपरिक परिधान, संगीत और कोरियोग्राफी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। गाने के पीछे की शूटिंग से जुड़े किस्से भी समय-समय पर सुर्खियों में आते हैं। ऐश्वर्या राय के कानों में चोट लगने का यह किस्सा भी उन्हीं कहानियों में से एक है। जहां दर्शकों को पर्दे पर शानदार नृत्य दिखाई देता है, वहीं उसके पीछे कलाकारों की मेहनत और शूटिंग की चुनौतियां भी छिपी रहती हैं। 'डोला रे डोला' की शूटिंग से जुड़ा यह प्रसंग इसी पहलू की याद दिलाता है।

















