भोपाल, 12 अक्टूबर । मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ जगह बादल छाए रहे। सोमवार से चक्रवाती परिसंचरण का असर खत्म होने की संभावना है। इसके बाद रात के तापमान में गिरावट आने लगेगी। 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है, हालांकि अक्टूबर में दिन के समय गर्मी का असर बना रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, बीती रविवार रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाजापुर में पारा 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, ग्वालियर और नर्मदापुरम में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम में बदलाव देखने को मिला। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि अन्य इलाकों में बादल छाए रहे।
उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में इन सिस्टम का असर मध्य प्रदेश तक पहुंचता है, तो कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में बारिश का अनुमान नहीं है।
जून से सितंबर तक चले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच से करीब 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में औसत से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई। क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा।
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे रहा। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।
प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके विपरीत, 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।


















