हिमाचल में बटालियनों से दूसरे कार्यालयों में तैनात पुलिसकर्मियों का सितंबर का वेतन अटका, डीजीपी ने दिए जल्द भुगतान के निर्देश


देश 21 October 2026
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हिमाचल में बटालियनों से दूसरे कार्यालयों में तैनात पुलिसकर्मियों का सितंबर का वेतन अटका, डीजीपी ने दिए जल्द भुगतान के निर्देश

ऊना, 21 अक्टूबर । हिमाचल प्रदेश में बटालियनों से दूसरे कार्यालयों और स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों का सितंबर महीने का वेतन अटक गया है। इसे जारी करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने सभी भारतीय रिजर्व बटालियनों के कमांडेंट को पत्र जारी कर लंबित वेतन के भुगतान के लिए जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि वेतन नहीं मिलने से प्रभावित पुलिसकर्मियों और उनके आश्रित परिवारों को आर्थिक परेशानी हो रही है। ऐसे में उनके लंबित वेतन का भुगतान बिना और देरी के किया जाना चाहिए।

तैनाती और वेतन भुगतान के रिकॉर्ड की होगी जांच

पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जारी पत्र में 23 सितंबर 2026 के कार्यालय आदेश का हवाला दिया गया है। इस आदेश में विभिन्न बटालियनों से पुलिस मुख्यालय और दूसरे कार्यालयों में तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा उनके कार्यस्थल को मुख्यालय निर्धारित करने से संबंधित निर्देश दिए गए थे। यह व्यवस्था कार्मिक विभाग के 17 जुलाई 2026 के पत्र में जारी निर्देशों से भी जुड़ी है। इनके तहत आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को प्रमाणित करना होता है कि संबंधित कर्मचारी ने महीने के दौरान वास्तव में किस स्थान पर ड्यूटी की।

एक महीने में कई जगह ड्यूटी करने वालों का भी बनेगा प्रमाणपत्र

डीजीपी ने पत्र में कहा है कि पुलिस सेवा की जरूरतों के अनुसार कर्मचारियों को उनकी मूल बटालियन से अलग-अलग कार्यालयों और स्थानों पर तैनात किया जाता है। उनकी तैनाती की अवधि भी अलग-अलग हो सकती है। इस कारण किसी पुलिसकर्मी को एक ही महीने में एक से अधिक स्थानों पर ड्यूटी करनी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित कमांडेंट को तैनाती आदेशों, ड्यूटी के विवरण और जरूरी प्रमाणपत्रों की जांच करनी होगी। कर्मचारी ने जिस-जिस स्थान पर जितनी अवधि तक ड्यूटी की है, उसका सत्यापन कर प्रमाणित किया जाएगा।

सत्यापन के बाद कोषागार भेजे जाएंगे वेतन बिल

पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि जरूरी रिकॉर्ड और प्रमाणपत्रों का सत्यापन पूरा होने के बाद दस्तावेज संबंधित कोषागार या उपकोषागार अधिकारी को भेजे जाएं, जिससे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वेतन बिलों पर कार्रवाई हो सके। यदि प्रक्रिया के दौरान कोई कठिनाई आती है तो स्पष्टीकरण के लिए सक्षम प्राधिकारी से संपर्क किया जाए। डीजीपी ने लंबित सितंबर वेतन का भुगतान जल्द कराने के साथ आने वाले महीनों में भी वेतन बिलों की समय पर प्रक्रिया और भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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