रायपुर के विकास पर खर्च होंगे ₹2,853 करोड़, आठ योजनाओं का प्रस्ताव


छत्तीसगढ़ 21 October 2026
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रायपुर के विकास पर खर्च होंगे ₹2,853 करोड़, आठ योजनाओं का प्रस्ताव

रायपुर, 21 अक्टूबर । रायपुर शहर के बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत 2,853 करोड़ रुपये की लागत वाली आठ योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नवा रायपुर में आज आयोजित कार्यशाला में इन योजनाओं और उनके वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के भी शामिल होने का कार्यक्रम है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार रायपुर के बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को एक नया विस्तार देने के लिए ₹2,853 करोड़ की आठ बड़ी योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वाकांक्षी निवेश का मुख्य उद्देश्य राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

बताया गया है कि शहर के व्यस्ततम चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए नए फ्लाईओवरों और ओवरपास का निर्माण किया जायेगा ।मुख्य मार्गों को फोर-लेन में बदलना और नए कनेक्टिविटी लिंक रोड बनाये जायेंगे जिससे रायपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों का संपर्क बेहतर हो सके।जल निकासी और गंदे पानी के ट्रीटमेंट के लिए आधुनिक सीवेज नेटवर्क का विस्तार किया जायेगा ।

रायपुर और नवा रायपुर के बीच एक 'ग्रोथ कॉरिडोर' और कमर्शियल हब विकसित करने की योजना है और अधिकारीयों का कहना है कि इससे जो हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा। हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए नए स्काडा आधारित वाटर ट्रीटमेंट और सप्लाई नेटवर्क का निर्माण करने की योजना है ।शहर में पानी की आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए 675 करोड़ रुपये की योजना पर फोकस किया जाएगा।

इस प्रकार की विस्तृत विकास योजनाएं राज्य की 'इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2024-30' और विजन 2047 के उस बड़े रोडमैप का हिस्सा हैं, जिसके तहत छत्तीसगढ़ को निवेश और बुनियादी ढांचे के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्ताव के अनुसार, परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 713 करोड़ रुपये और राज्य सरकार से 682 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। बाकी 1,458 करोड़ रुपये बैंकों और अन्य बाहरी वित्तीय स्रोतों से जुटाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की सुविधाओं, परिवहन व्यवस्था, जल प्रबंधन और व्यावसायिक गतिविधियों को बेहतर बनाना है। हालांकि, प्रस्तावित योजनाओं की वास्तविक प्रगति और निर्माण कार्यों की समयसीमा संबंधित स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

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