अमेरिका-ईरान जिद पर अड़े, शांति समझौते के आसार कम


विदेश 21 October 2026
post

अमेरिका-ईरान जिद पर अड़े, शांति समझौते के आसार कम

वाशिंगटन (अमेरिका)/तेहरान (ईरान), 21 अक्टूबर । अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता करना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जब तक तेहरान होमुर्ज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना बंद नहीं करता, तब तक उस पर आर्थिक दबाव बना रहेगा। इस पर ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जब तक वाशिंगटन, तेहरान की शर्तें नहीं मान लेता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और कतर के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है।

अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो और अराघची ने अपने-अपने देश के मीडिया से बातचीत में यह टिप्पणी की। इस बीच अमेरिकी रक्षामंत्री पीट हेगसेथ का अहम बयान सामने आया है। उनका कहना है कि वाशिंगटन, ईरान के खिलाफ और सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न आएं।"

ईरान का यह भी कहना है कि उसका संवर्धित यूरेनियम देश के भीतर ही रहेगा। उसने लगभग 400 किलोग्राम परमाणु सामग्री को रूस की कस्टडी में सौंपने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। यह घोषणा ऐसे समय पर हुई है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान के दौरे पर हैं।

ईरानी अधिकारियों का जोर है कि बातचीत फिर से शुरू होने से पहले वाशिंगटन को भरोसा बहाल करना होगा। उन्होंने राजनयिक बातचीत के दौरान अमेरिका के पहले किए गए हमलों और तेहरान के सात-सूत्रीय प्रस्ताव का हवाला दिया। इस बीच, व्हाइट हाउस ने साफ किया कि अमेरिका की तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने की कोई योजना नहीं है। अराघची ने कहा कि रूस के साथ तेहरान के संबंध पहले कभी इतने करीबी नहीं रहे। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच रूस, ईरान की न के बराबर मदद कर रहा है।

You might also like!




Advertisment