गांधीनगर, 07 मई। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) प्राप्त करने में गुजरात देशभर में तीसरे स्थान पर रहा है। अप्रैल-2025 से दिसंबर-2025 के नौ महीनों के दौरान गुजरात ने करीब 44,041.7 करोड़ रुपये का भारी विदेशी निवेश आकर्षित किया है।
इन आंकड़ों से साफ है कि गुजरात देश के टॉप-3 राज्यों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए विदेशी निवेशकों के लिए सुरक्षित और प्रगतिशील गंतव्य बनकर उभरा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात “विकसित भारत” के लिए “विकसित गुजरात” के मंत्र के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) प्राप्त करने में गुजरात देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
अप्रैल-2025 से दिसंबर-2025 के नौ महीनों के दौरान गुजरात ने करीब 44,041.7 करोड़ रुपये का भारी विदेशी निवेश आकर्षित किया है। इस अवधि में राज्य में आए कुल एफडीआई का 52 प्रतिशत हिस्सा अकेले अहमदाबाद जिले में दर्ज किया गया। गुजरात ने सिर्फ अक्टूबर-2025 से दिसंबर-2025 के तीन महीनों में ही 24,716 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया, जिसमें अहमदाबाद को सर्वाधिक 23,699 करोड़ रुपये का निवेश मिला। इससे यह स्पष्ट होता है कि अहमदाबाद तेजी से वैश्विक स्तर के बिजनेस सेंटर के रूप में विकसित हो रहा है।
दूसरे स्थान पर गांधीनगर रहा, जहां 590 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ। गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके अलावा खेड़ा, कच्छ, महेसाणा, पंचमहल, राजकोट, सूरत, सुरेंद्रनगर, वडोदरा, आनंद और नवसारी जैसे जिले भी विदेशी निवेश आकर्षित करने में सफल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल-2000 से दिसंबर-2025 तक के 25 वर्षों में गुजरात ने कुल 3,91,613 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त किया है, जो देश में आए कुल एफडीआई का 15 प्रतिशत से अधिक है। राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, गिफ्ट सिटी और धोलेरा एसआईआर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण आने वाले वर्षों में निवेश और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य सरकार की प्रोत्साहनकारी नीतियों के चलते खासतौर पर सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, डाटा सेंटर, फार्मा और रक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई है। उद्योग जगत के अग्रणी भी गुजरात की प्रो-एक्टिव सरकारी नीतियों की सराहना कर रहे हैं। राज्य में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कारण पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ सनराइज सेक्टर्स में भी बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं।
गुजरात सरकार इस विकास गति को बनाए रखने और भविष्य में एफडीआई के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल और नई औद्योगिक नीतियां आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।


















