बेंगलुरु में आईएसआईएस भर्ती और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े मामले में ईडी का आठ ठिकानों पर छापा


देश 21 July 2026
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बेंगलुरु में आईएसआईएस भर्ती और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े मामले में ईडी का आठ ठिकानों पर छापा

नई दिल्ली, 21 जुलाई । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए भर्ती और फंडिंग से जुड़े धनशोधन मामले में शनिवार को बेंगलुरु में आठ स्थानों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) के तहत की गई।


ईडी के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय अनुसार, मामला बेंगलुरु स्थित ‘इकरा वेलफेयर ट्रस्ट’, ‘गाइडेंस फॉर मैनकाइंड’ और उनसे जुड़े अन्य व्यक्तियों से संबंधित है। एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 17 (आतंकवाद के लिए धन जुटाना), धारा 18 (आतंकी गतिविधियों की तैयारी) और धारा 18-बी (आतंकी संगठन के लिए भर्ती) के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।


जांच में अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में एनआईए ने इरफान नासिर, अहमद अब्दुल कादर, मोहम्मद तौकीर महमूद, जुहाब हमीद शकील मन्ना और मोहम्मद शिहाब के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल भी कर दिया है।


आरोपपत्र के अनुसार सभी आरोपित प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस/आईएसआईएल/दाएश से जुड़े थे। उन्होंने बेंगलुरु के मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर आईएसआईएस में शामिल कराने की साजिश रची। जांच में सामने आया कि ‘इकरा कैंप’ नामक व्यक्तित्व विकास कार्यशाला और उससे जुड़े साप्ताहिक ‘कुरान सर्किल’ के माध्यम से युवाओं की पहचान कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर प्रेरित किया गया।


आरोपितों ने धन जुटाने और उसे विभिन्न माध्यमों से स्थानांतरित करने के अलावा युवाओं की तुर्किये के रास्ते सीरिया तक अवैध यात्रा की व्यवस्था की, ताकि वे आईएसआईएस में शामिल होकर सीरियाई सरकार के खिलाफ लड़ सकें। आरोपपत्र में इसे भारत सरकार के सहयोगी देश सीरिया के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों में शामिल होना बताया गया है।


एनआईए की जांच में सामने आया कि समूह ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल कर मुस्लिम समुदाय को भड़काने तथा सुरक्षित सोशल मीडिया मंचों के जरिए आईएसआईएस की विचारधारा फैलाने का प्रयास किया।


ईडी के अनुसार, आरोपितों ने व्यक्तियों, ट्रस्टों और अपनी बचत से धन एकत्र कर युवाओं की भर्ती और उनकी विदेश यात्रा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।


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