छिंदवाड़ा, 21 जुलाई । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गेहूं उपार्जन के दौरान बड़ा वित्तीय अंतर सामने आया है। खरीदी केंद्रों से गोदामों तक परिवहन और भंडारण के मिलान में 39 समितियों से कुल 1,836 क्विंटल गेहूं कम पाया गया है। इसकी अनुमानित कीमत 44 लाख 52 हजार 300 रुपये आंकी गई है। मामले का खुलासा होने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम ने संबंधित समितियों और परिवहनकर्ताओं को नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 के रबी विपणन सीजन में जिले में गेहूं खरीदी के लिए 84 उपार्जन केंद्र बनाए गए थे। इस दौरान समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। कुल 29,585 किसानों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 16,306 किसानों ने 13 लाख 25 हजार 173 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा।
उपार्जित गेहूं के भंडारण और परिवहन के दौरान किए गए मिलान में 39 समितियों से कुल 1,836 क्विंटल गेहूं की कमी दर्ज की गई। इसके बाद नागरिक आपूर्ति निगम ने संबंधित समिति प्रबंधकों और परिवहन एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए नुकसान की भरपाई की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि अनाज की ढुलाई और गोदामों में स्थानांतरण के दौरान कुछ मात्रा बोरियां फटने, अनाज गिरने तथा खुले में भंडारण के कारण होने वाली स्वाभाविक सूखत (वजन में कमी) से प्रभावित हो सकती है। हालांकि वास्तविक कमी का निर्धारण नियमानुसार किया जा रहा है।
जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि खरीदी केंद्रों और परिवहन के दौरान गेहूं की कमी पाई गई है। संबंधित समितियों के कमीशन और परिवहनकर्ताओं के बिलों से निर्धारित राशि समायोजित कर वसूली की जाएगी।
जिन समितियों में गेहूं की कमी दर्ज की गई है, उनमें चांद, कुंडलीकला, समसवाड़ा, कारीडोंगरी, कपूरदा, गोपालपुर, अमरवाड़ा, मेघदौन, घोघरी, लिखड़ी, खटकर, छिंदी, कामथ, चावलपानी, परसगांव, मानकदेही, खुर्द, गंगीवाड़ा, पचगांव, रामगढ़, पादरी, सेजा, कुंडा, बसुरियाकला, बटका खापा, झुर्री, पगारा, देवरी, देलाखरी, मोरडोंगरी, चौरई, कपरवाड़ी, सारोट, साजपानी, गोरेघाट, घानाउमरी, तामिया और जुन्नारदेव की समितियां शामिल हैं।
छिंदवाड़ा में गेहूं उपार्जन में अनियमितता का मामला, 39 समितियों में 1,836 क्विंटल अनाज कम मिला; 44.52 लाख रुपये की वसूली होगी

















