उमस और चिपचिपी गर्मी से बच्चों में वायरल और त्वचा रोग बढ़े, अस्पतालों की ओपीडी पर बढ़ा दबाव


शहर 04 August 2026
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उमस और चिपचिपी गर्मी से बच्चों में वायरल और त्वचा रोग बढ़े, अस्पतालों की ओपीडी पर बढ़ा दबाव

सतना, 04 अगस्त । मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिलों में बारिश के बीच उमस और चिपचिपी गर्मी का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। वायरल बुखार के साथ-साथ फोड़े-फुंसी, खुजली और त्वचा संबंधी अन्य संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। दोनों जिलों के अस्पतालों में बच्चों की ओपीडी प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों तक पहुंच रही है।

शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले 300 से अधिक बच्चों में से करीब 150 से ज्यादा सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से पीड़ित होते हैं। इनमें से 20 से 25 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्रतिदिन बच्चा वार्ड और पीआईसीयू में भर्ती करना पड़ता है। इसके अलावा रोजाना 30 से अधिक बच्चे फोड़े-फुंसी, खुजली और अन्य त्वचा रोगों की शिकायत लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बच्चा वार्डों में उपलब्ध बिस्तरों की क्षमता से लगभग दोगुने बच्चों का उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि नमी और चिपचिपी गर्मी के कारण त्वचा संक्रमण तेजी से फैलता है। छोटे बच्चों में साफ-सफाई की कमी और शरीर पर लंबे समय तक नमी बने रहने से संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के चेहरे, पीठ और हाथों पर निकलने वाली फुंसियां दर्द के साथ त्वचा संक्रमण का कारण बन रही हैं। कई मामलों में सूजन और मवाद बनने की शिकायत भी सामने आ रही है, जिससे बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्हें नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालें और शरीर को साफ एवं सूखा रखें। यदि वायरल बुखार, त्वचा पर चकत्ते, फोड़े-फुंसी या खुजली जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लें। सरकारी अस्पतालों में इन बीमारियों का उपचार उपलब्ध है और समय पर इलाज मिलने से अधिकांश बच्चे शीघ्र स्वस्थ हो जाते हैं।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप द्विवेदी ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के साथ त्वचा संबंधी रोगों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सुबह से दोपहर तक चाइल्ड ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है, जबकि बच्चा वार्डों में भर्ती बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

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