पंचामृत अभिषेक के बाद महाकाल को अर्पित हुई भस्म, भांग-चंदन और त्रिपुंड से हुआ दिव्य श्रृंगार


शहर 19 September 2026
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पंचामृत अभिषेक के बाद महाकाल को अर्पित हुई भस्म, भांग-चंदन और त्रिपुंड से हुआ दिव्य श्रृंगार

उज्जैन, 19 सितंबर । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर बाबा महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान और विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई।

सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही गर्भगृह में पूजा-अर्चना शुरू हुई। पंडे-पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय सहित अन्य देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत से अभिषेक किया गया।

पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस का उपयोग कर भगवान महाकाल का पूजन-अभिषेक किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान और पूजन किया गया। भस्म आरती की आगे की विधियों के तहत बाबा महाकाल को भोग अर्पित किया गया और कपूर आरती संपन्न हुई।

भांग-चंदन और त्रिपुंड से सजा बाबा का स्वरूप

भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा के मस्तक पर भांग, चंदन से श्रृंगार कर त्रिपुंड लगाया गया और त्रिशूल धारण कराया गया। भगवान को रजत ‘ॐ’, बिल्वपत्र मुकुट और रुद्राक्ष की माला से सजाया गया। इसके साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और विभिन्न प्रकार की रुद्राक्ष मालाएं अर्पित की गईं। सुगंधित पुष्पों की मालाओं से भी बाबा महाकाल का अलंकरण किया गया।

महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से अर्पित की गई भस्म

पूजन और श्रृंगार के बाद भस्म आरती की मुख्य विधि संपन्न हुई। इसके लिए ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल के दर्शन भक्तों के लिए विशेष रूप से किए गए। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान महाकाल को भस्म अर्पित किए जाने के बाद वे निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी मान्यता के कारण महाकाल मंदिर की भस्म आरती देशभर में विशेष धार्मिक महत्व रखती है।

नंदी के कान में कही मनोकामना, गूंजे जयकारे

भस्म आरती के दर्शन के लिए सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं भी कहीं। भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालु भगवान महाकाल के जयकारे लगाते रहे। आरती और पूजन के बीच पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति के माहौल में डूबा नजर आया।

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