सियोल/प्योंगयांग, 15 सितंबर। उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन ने रूस के साथ अपने देश के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। सरकारी मीडिया की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, किम ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेजे एक संदेश में दोनों देशों के बीच संयुक्त सहयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ाने और गहरा करने का वादा किया।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
के अनुसार, यह संदेश पुतिन की ओर से उत्तर कोरिया की स्थापना की 78वीं वर्षगांठ के मौके पर बीते 9 सितंबर को भेजे गए बधाई संदेश के जवाब में दिया गया। किम ने पुतिन के संदेश के लिए उनका आभार व्यक्त किया और रूस के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही।
किम ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर कोरिया का लक्ष्य दोस्ती, अच्छे पड़ोसी संबंधों, आपसी सहयोग और दोनों देशों के बीच गठबंधन के मजबूत रिश्तों की परंपरा के आधार पर रूस के साथ संयुक्त कार्य को व्यापक रूप से बढ़ाना और गहरा करना है।
हालांकि, किम ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए “संयुक्त काम” से किन क्षेत्रों में सहयोग की बात की जा रही है। माना जा रहा है कि इसमें दोनों देशों के बीच बढ़ता सैन्य और आर्थिक सहयोग शामिल हो सकता है।
किम ने कहा कि दोनों देश ऐतिहासिक उथल-पुथल के बावजूद अपने गठबंधन के महान इतिहास का नया अध्याय लिख रहे हैं। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस के लिए उत्तर कोरिया के अटूट समर्थन की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
उत्तर कोरिया और रूस के बीच संबंधों में पिछले कुछ समय में तेजी से मजबूती आई है। जून, 2024 में पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के दौरान दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में दूसरे देश द्वारा बिना देरी के सैन्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस की मदद के लिए हजारों सैनिकों के साथ पारंपरिक हथियार भी भेजे हैं। इससे मॉस्को और प्योंगयांग के बीच सैन्य साझेदारी को लेकर पश्चिमी देशों की चिंता और बढ़ी है।



















