उज्जैन में आज से तीन दिवसीय युवा धर्म संसद, 24 से अधिक राज्यों के 1600 से ज्यादा युवा जुटेंगे


शहर 17 September 2026
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उज्जैन में आज से तीन दिवसीय युवा धर्म संसद, 24 से अधिक राज्यों के 1600 से ज्यादा युवा जुटेंगे

उज्जैन, 17 सितंबर । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में देवास रोड स्थित गीता भवन में आज गुरुवार से तीन दिवसीय ‘युवा धर्म संसद-2026 अवंतिका’ का आयोजन होगा। देश के विभिन्न हिस्सों से 24 से अधिक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1600 से ज्यादा युवा इसमें शामिल होंगे। आयोजन में युवा, विद्यार्थी, शिक्षक, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 300 विद्वान, शिक्षाविद, धर्माचार्य और विशेषज्ञ भी युवाओं से संवाद करेंगे।

सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय सचिव माधव कुमार और मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन का औपचारिक शुभारंभ 18 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे, जबकि 19 सितंबर को समापन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे।

आठ सत्रों में धर्म और समकालीन विषयों पर विमर्श

तीन दिवसीय आयोजन में कुल आठ सत्र होंगे। इनमें धर्म की व्यापक एवं अस्तित्वपरक अवधारणा, चरित्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, संवाद की संस्कृति, सूचना एवं विचार के संघर्ष, मनुष्य निर्माण में आस्था की भूमिका, धर्मस्थलों की भूमिका तथा ऋषि-कृषि संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा होगी। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद, चिंतक, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता युवाओं से संवाद करेंगे। प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा और जीवन-दृष्टि से जुड़े सवालों पर विचार रखने का अवसर मिलेगा।

चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक मेला भी आकर्षण

आयोजन के पहले दिन भारत-भाव पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक मेले का उद्घाटन होगा। इसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए युवा कलाकारों की पेंटिंग प्रदर्शित की जाएंगी। पुस्तक मेले में करीब 50 प्रमुख प्रकाशन समूहों की सहभागिता रहेगी। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला दीर्घा, युवा पंचायत और जनजातीय मेला भी आयोजित किया जाएगा।

युवा पंचायत में प्रतिभागियों को अपने विचार रखने और सामूहिक विमर्श में शामिल होने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, जीवन-दृष्टि, चरित्र निर्माण और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व से जोड़ना बताया गया है।

कई प्रमुख वक्ता होंगे शामिल

युवा धर्म संसद के विभिन्न सत्रों में सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, पुण्डरीक महाराज, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेडी, कवि एवं लेखक मनोज मुंतशिर, युवा आयोग मध्यप्रदेश के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, विष्णुप्रकाश त्रिपाठी और भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय सहित अन्य वक्ता सहभागिता करेंगे।

आयोजकों के अनुसार, युवा धर्म संसद की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन से जुड़ी है। वर्ष 2018 से शुरू हुई इस श्रृंखला के विभिन्न आयोजनों में अब तक करीब 7100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। इस संस्करण के बाद अगले वर्ष आयोजन द्वारका में प्रस्तावित बताया गया है।

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