भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने को लेकर कोलंबो में अहम बैठकें आज


विदेश 05 August 2026
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भारत-श्रीलंका संबंधों को मजबूत करने को लेकर कोलंबो में अहम बैठकें आज

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे। इस दौरान वह श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूरिया, विदेश मंत्री विजिता हेराथ सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे।

श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की कड़ी है। इससे दोनों देशों के घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी तथा विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों पर सहयोग को नई गति मिलेगी।

इससे पहले मंगलवार को श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियॉन भेंट किया। यह सहायता डेंगू नियंत्रण अभियान को मजबूत करने के लिए भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से प्रदान की गई।

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि डेंगू के खिलाफ श्रीलंका की लड़ाई में भारत उसके साथ मजबूती से खड़ा है।

गत 27 जुलाई को संतोष झा ने बताया था कि श्रीलंका में भारत की विकास सहायता 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुकी है, जिसमें 850 मिलियन डॉलर से अधिक की अनुदान सहायता शामिल है। भारत समर्थित परियोजनाएं श्रीलंका के सभी 25 जिलों में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा और आजीविका जैसे क्षेत्रों में संचालित की जा रही हैं।

भारत और श्रीलंका के बीच 2,500 वर्ष से अधिक पुराने ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध हैं। श्रीलंका भारत की ‘पड़ोसी पहले’ (Neighbourhood First) नीति और ‘महासागर’ (MAHASAGAR – Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका का दौरा किया था। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के पदभार संभालने के बाद यह किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख की पहली श्रीलंका यात्रा थी। इस दौरान रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, जनसंचार, ऊर्जा और संपर्क सहित विभिन्न क्षेत्रों में सात समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

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