रक्षा क्षेत्र की तकनीक अब आम लोगों के लिए, इंडिया ऑप्टेल ने पेश की ‘गरुड़’ दूरबीन


विज्ञान 14 August 2026
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रक्षा क्षेत्र की तकनीक अब आम लोगों के लिए, इंडिया ऑप्टेल ने पेश की ‘गरुड़’ दूरबीन

इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने उच्च आवर्धन क्षमता वाली स्वदेशी दूरबीन ‘गरुड़’ को आम लोगों के इस्तेमाल के लिए असैन्य बाजार में पेश किया है। रक्षा उत्पादन विभाग के तहत आने वाली मिनी रत्न श्रेणी-I रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईओएल की इकाई ऑर्डनेंस फैक्ट्री देहरादून ने इसका विकास और निर्माण किया है। स्वदेशी परिकल्पना और निर्माण से तैयार ‘गरुड़’ आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है। 1943 से सटीक ऑप्टिकल उपकरणों के निर्माण की विरासत रखने वाली कंपनी ने इसमें रक्षा क्षेत्र के लिए विकसित विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है।

8 गुना आवर्धन क्षमता

‘गरुड़’ दूरबीन में 8 गुना आवर्धन क्षमता और 7.6 डिग्री का विस्तृत दृश्य क्षेत्र दिया गया है। इससे दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने के साथ व्यापक क्षेत्र में अवलोकन करना भी संभव होता है। दूरबीन में अलग-अलग लोगों की दृष्टि के अनुरूप ±5 डायोप्टर समायोजन की सुविधा है। लंबे समय तक आराम से देखने के लिए सॉफ्ट-टच आईकप और बेहतर पकड़ के लिए ग्रिप भी दी गई है।

मौसमरोधी डिजाइन से लैस

दूरबीन को विभिन्न बाहरी परिस्थितियों में भरोसेमंद उपयोग के लिए मौसमरोधी बनाया गया है। करीब 610 ग्राम वजन वाली ‘गरुड़’ को कॉम्पैक्ट डिजाइन में तैयार किया गया है, जिससे इसे आसानी से साथ ले जाया जा सकता है। कंपनी के अनुसार, इसमें पोर्टेबिलिटी, मजबूती और भरोसेमंद प्रदर्शन का संतुलन रखा गया है।

पक्षी-दर्शन से लेकर खेल तक उपयोग

‘गरुड़’ को पक्षी-दर्शन, वन्यजीव अवलोकन, प्रकृति अध्ययन और यात्रा सहित कई गतिविधियों के लिए उपयोगी बनाया गया है। इसके अलावा वानिकी, समुद्री गतिविधियों, खेल और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। उच्च आवर्धन क्षमता और विस्तृत दृश्य क्षेत्र इसे बाहरी गतिविधियों के लिए उपयोगी ऑप्टिकल उपकरण बनाते हैं।

रक्षा क्षेत्र की विशेषज्ञता अब आम लोगों तक

‘गरुड़’ की पेशकश के साथ इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने असैन्य ऑप्टिक्स बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी के अनुसार, इस पहल के जरिए देश की रक्षा ऑप्टिकल क्षमताओं और लंबे समय से विकसित तकनीकी विशेषज्ञता को आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। यह दूरबीन ऐसे प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसने चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए भरोसेमंद उपकरण के रूप में काम किया है।

13 अगस्त को नई दिल्ली में लॉन्च

स्वदेशी दूरबीन ‘गरुड़’ को 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित डीपीएसयू भवन में आम लोगों के लिए पेश किया गया। कार्यक्रम में संयुक्त सचिव (लैंड सिस्टम्स) डॉ. गरिमा भगत मौजूद रहीं। इस अवसर पर रक्षा उत्पादन विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और वाइल्डलाइफ सोसाइटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा

कार्यक्रम में इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड के निदेशक मंडल के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘गरुड़’ को असैन्य बाजार में उतारना रक्षा क्षेत्र में विकसित क्षमताओं को व्यापक नागरिक उपयोग तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे देश में ऑप्टिकल उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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