छत्तीसगढ़ को रेलवे की बड़ी सौगात, नई लाइनों पर खर्च होंगे 4254 करोड़


छत्तीसगढ़ 10 September 2026
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छत्तीसगढ़ को रेलवे की बड़ी सौगात, नई लाइनों पर खर्च होंगे 4254 करोड़

बिलासपुर , 10 सितंबरदक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) को रेल अधोसंरचना के विस्तार के लिए बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने रेल मंत्रालय की तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनकी कुल अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपए है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। दोनों परियोजनाओं की कुल लंबाई 288 किलोमीटर और लागत करीब 4,254 करोड़ रुपए है।

कटनी-पेंड्रा रोड के बीच 201 KM चौथी लाइन कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन परियोजना की लंबाई 201 किलोमीटर है। इस पर करीब 2,975 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रेलवे के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद सालाना करीब 322 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक लागत बचने का अनुमान है। इसके साथ ही करीब 14.42 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान लगाया गया है। परियोजना से अमरकंटक और बांधवगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा। निर्माण के दौरान करीब 68 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है।

बिलासपुर-पेंड्रा रोड के बीच तीसरी लाइन बिलासपुर के उसलापुर से पेंड्रा रोड के बीच 87 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,279 करोड़ रुपए है। इसके पूरा होने से सालाना लगभग 96.2 करोड़ रुपए की लॉजिस्टिक लागत बचने और करीब 4.3 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। इस परियोजना से अचानकमार, अमरकंटक, खुटाघाट, मल्हार और रतनपुर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच और बेहतर होने की उम्मीद है। इससे करीब 30 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन की संभावना बताई गई है।

यात्रियों के साथ उद्योग-व्यापार को फायदा दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी और यात्री एवं मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुगम हो सकेगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से भविष्य में नई या अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इसका फायदा बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ सहित कई क्षेत्रों के यात्रियों को मिलेगा। मध्य प्रदेश के अनूपपुर और शहडोल समेत आसपास के क्षेत्रों से उत्तर भारत की ओर रेल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। रेलवे का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से यात्री सुविधाओं के साथ पर्यटन, उद्योग, व्यापार और माल परिवहन को भी गति मिलेगी तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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