वेस्ट एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट


व्यापार 12 May 2026
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वेस्ट एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से शेयर बाजार में गिरावट

मुंबई 12 मई: मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली, जहां वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष को लेकर बनी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। इसके साथ ही लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से हो रही निकासी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ा दिया। कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 525.44 अंक गिरकर 75,489.84 के स्तर पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 164.5 अंक टूटकर 23,651.35 पर कारोबार करता देखा गया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के बाजार पर पड़ रहा है। तेल महंगा होने से कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ रही है। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से कई प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस, टेक महिंद्रा, HCL टेक, अदानी पोर्ट्स और बजाज फिनसर्व जैसे बड़े शेयर शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक नुकसान में रहे।

आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक देखा गया, जिससे समग्र बाजार सेंटीमेंट कमजोर हुआ। वहीं ऊर्जा और कुछ अन्य सेक्टरों में भी अस्थिरता बनी रही। विश्लेषकों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि जब तक वेस्ट एशिया में स्थिति स्थिर नहीं होती और कच्चे तेल की कीमतों में राहत नहीं मिलती, तब तक शेयर बाजार में दबाव बना रह सकता है। हालांकि कुछ निवेशकों का मानना है कि गिरावट के दौरान लॉन्ग टर्म निवेश के अवसर भी बन सकते हैं, लेकिन मौजूदा समय में जोखिम अधिक बना हुआ है। कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के चलते भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखा जा रहा है और निवेशक फिलहाल सतर्कता के साथ कारोबार कर रहे हैं। 

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