इंडियन सिनेमा के पास जश्न मनाने की एक और वजह है। ऋषभ शेट्टी की बहुत इंतज़ार की जा रही फिल्म 'कंतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1' को आने वाले एकेडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर के लिए एलिजिबल घोषित किया गया है। इस अनाउंसमेंट से सोशल मीडिया पर उत्साह फैल गया है, फैंस यह देखकर बहुत खुश हैं कि एक कल्चर से जुड़ी इंडियन कहानी को दुनिया भर में अटेंशन मिल रहा है। ऑस्कर रूलबुक को पूरा करना रिपोर्ट्स कहती हैं कि 'कंतारा: चैप्टर 1' ने एकेडमी की सभी ज़रूरतें पूरी कर ली हैं, जिसमें US मार्केट में थिएटर में चलना और इनक्लूजन स्टैंडर्ड्स का पालन करना शामिल है। इससे यह ऑफिशियली बेस्ट पिक्चर के लिए एलिजिबल हो जाती है, जो इंडियन लोककथाओं और परंपराओं से प्रेरित फिल्म के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है।
ऑस्कर की रेस में इंडिया की मज़बूत मौजूदगी कंतारा इस कॉम्पिटिशन में अकेली नहीं है। इस साल एलिजिबल घोषित की गई दूसरी इंडियन फिल्मों में होमबाउंड, सिस्टर मिडनाइट, टूरिस्ट फैमिली, तन्वी द ग्रेट और नरसिम्हा शामिल हैं। ये टाइटल्स इंटिमेट ह्यूमन ड्रामा से लेकर फैमिली एंटरटेनर और माइथोलॉजिकल शो तक, अलग-अलग तरह की स्टोरीटेलिंग दिखाते हैं। इनकी मौजूदगी वर्ल्ड स्टेज पर इंडियन सिनेमा के बढ़ते कॉन्फिडेंस और वैरायटी को दिखाती है।
नॉमिनेशन का इंतज़ार शुरू एलिजिबिलिटी नॉमिनेशन की गारंटी नहीं देती, लेकिन यह एक ज़रूरी पहला कदम है। ऑफिशियल नॉमिनेशन 22 जनवरी को अनाउंस किए जाएंगे, और फिल्म लवर्स यह देखने के लिए बेताब हैं कि कोई इंडियन फिल्म फाइनल लिस्ट में जगह बना पाएगी या नहीं। एक फ्रेंचाइजी जिसने इतिहास रच दिया कंटारा फ्रेंचाइजी ने पहले ही एक ज़बरदस्त असर डाला है। पहली फिल्म एक सरप्राइज़ ब्लॉकबस्टर बन गई, जिसकी दिलचस्प कहानी, दमदार परफॉर्मेंस और कर्नाटक की लोक संस्कृति के सेलिब्रेशन के लिए तारीफ़ हुई। इसका यादगार रिचुअल क्लाइमेक्स आज भी बहुत चर्चा में है।
ग्लोबल स्टेज पर जड़ों से जुड़ी कहानियां इंडियन ऑडियंस के लिए, यह पहचान खास लगती है। यह साबित करता है कि लोकल मिट्टी, परंपरा और असली इमोशन से पैदा हुई कहानियां बॉर्डर पार कर सकती हैं और सिनेमा के सबसे बड़े ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर जगह बना सकती हैं। अब सभी की निगाहें 22 जनवरी पर हैं।











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