फिल्ममेकर नीरज घायवान की मशहूर ड्रामा फिल्म “होमबाउंड” ऑस्कर 2026 से बाहर हो गई है, क्योंकि इसे बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन नहीं मिला। अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने गुरुवार को लॉस एंजिल्स में 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन अनाउंस किए। भारत की एंट्री एकेडमी की कैटेगरी में 15 की शॉर्टलिस्ट में थी, लेकिन फाइनल पांच में जगह नहीं बना पाई। करण जौहर और अदार पूनावाला की बनाई हिंदी भाषा की इस फिल्म ने पिछले साल मई में कान्स फिल्म फेस्टिवल में अन सर्टेन रिगार्ड सेक्शन में अपने प्रीमियर के साथ फेस्टिवल में अच्छा प्रदर्शन किया है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स में जर्नलिस्ट बशारत पीर के “टेकिंग अमृत होम” हेडलाइन वाले आर्टिकल से इंस्पायर्ड इस फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जान्हवी कपूर लीड रोल में हैं। यह एक मुस्लिम और एक दलित के बीच बचपन की दोस्ती की कहानी है, जो अपने सरनेम की वजह से लंबे समय से न मिली इज्ज़त और सोशल एक्सेप्टेंस की तलाश में पुलिस फोर्स में शामिल होना चाहते हैं। हॉलीवुड फिल्ममेकर मार्टिन स्कॉर्सेसी इस प्रोजेक्ट से एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़े हैं।
फिल्म को प्रोड्यूस करने वाले करण जौहर ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फिल्म का एक कोलाज शेयर किया और लिखा, “प्राउड!!!! लव यू @neeraj.ghaywan हमें अपनी रोशनी में रहने का मौका देने के लिए!” घायवान ने इसे अपनी स्टोरीज पर शेयर किया और लिखा, “थैंक यू, @karanjohar! आप एकदम रॉक रहे हैं। आपके बिना हम इतनी दूर नहीं आ पाते। लव यू!” 98वां एकेडमी अवॉर्ड्स सेरेमनी 15 मार्च को हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में होगा। कैटेगरी में फाइनल नॉमिनीज ब्राजील की “द सीक्रेट एजेंट”, फ्रेंच ड्रामा “इट वाज़ जस्ट एन एक्सीडेंट”, नॉर्वे की “सेंटिमेंटल वैल्यू”, स्पेन की “सिरत” और ट्यूनीशियाई फीचर “द वॉइस ऑफ हिंद रजब” हैं। सिर्फ तीन इंडियन फिल्में ही आखिरी राउंड में पहुंची हैं — महबूब खान की “मदर इंडिया” (1957), मीरा नायर की “सलाम बॉम्बे!” (1988) और आशुतोष गोवारिकर की “लगान” (2001)। तीनों को नॉमिनेशन तो मिला, लेकिन कोई भी ऑस्कर नहीं जीत पाया।











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