वैज्ञानिकों ने इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में एक बहुत पुराना जीवाश्म खोजा है। नेचर जर्नल में छपी रिसर्च के अनुसार, यह खोज इंसानों के एक प्राचीन रिश्तेदार, पैरांथ्रोपस से संबंधित है। ये अवशेष उस जगह से 1000 किमी दूर मिले, जहाँ उनके मिलने की उम्मीद थी। शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज़ेरेसेनाय एलेमसेगेड और उनकी टीम ने बताया कि यह जीव अलग-अलग मौसम और माहौल में ढलने में माहिर था। यह खोज इस बात पर रोशनी डालेगी कि ये जीन शुरुआती इंसानों के साथ कैसे रहते थे और उनके बीच मुकाबले का नेचर कैसा था। इंसानों और चिंपैंजी के पूर्वज लगभग 70 लाख साल पहले अलग हो गए थे, और तब से, इंसानी विकास का सफर काफी जटिल और लंबा रहा है। इस सफर के कारण लगभग 300,000 साल पहले धरती पर होमो सेपियन्स का उदय हुआ। वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इंसानों का विकास कैसे हुआ और हमारा विकास कैसे आगे बढ़ा।
इस खोज से क्या जानकारी मिली? प्रोफेसर एलेमसेगेड के अनुसार, इथियोपिया के अफ़ार क्षेत्र में पैरांथ्रोपस के अवशेषों की खोज ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है। इस इलाके में इंसानी पूर्वजों की कई प्रजातियों के सैकड़ों जीवाश्म मिले थे, लेकिन पैरांथ्रोपस का एक भी नहीं। इसलिए, वैज्ञानिकों ने मान लिया था कि यह जीव कभी उत्तर की ओर नहीं गया था। जांच के लिए किस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया? वैज्ञानिक जबड़े की हड्डी को शिकागो ले गए और उसकी अंदरूनी बनावट की विस्तार से जांच करने के लिए माइक्रो-सीटी स्कैनिंग का इस्तेमाल किया। सबूत बताते हैं कि पैरांथ्रोपस और शुरुआती इंसान एक ही समय में एक ही इलाके में साथ रह रहे थे। यह कमाल की बात है कि 26 लाख साल पुरानी हड्डी और मॉडर्न टेक्नोलॉजी मिलकर हमारे पूर्वजों की कहानी बता रहे हैं।










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