भोपाल/ उज्जैन , 26 जनवरी। मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन लाल परेड मैदान में किया गया। यहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने ध्वज फहराया, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने गृह नगर उज्जैन में शिप्रा तट पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया ।
भोपाल में राज्यपाल ने ली परेड की सलामी
राजधानी भाेपाल में आयाेजित हुए राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने ध्वजारोहण किया और संयुक्त परेड की सलामी ली। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुई, जिसके बाद हर्ष फायर के साथ तिरंगे को सलामी दी गई। समारोह में सशस्त्र बलों और पुलिस की संयुक्त परेड आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न बलों की कुल 23 टुकड़ियां शामिल रहीं। परेड में अश्वारोही दल और श्वान दस्ता भी आकर्षण का केंद्र रहे। झांकियों के माध्यम से मध्य प्रदेश की संस्कृति, विरासत और विकास की झलक प्रस्तुत की गई।
उज्जैन: शिप्रा तट पर पहली बार मुख्यमंत्री का ध्वजारोहण
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में, शिप्रा नदी के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। यह पहला अवसर रहा जब किसी मुख्यमंत्री ने शिप्रा तट पर गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति हमारी निष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मेट्रोपॉलिटन सिटी और विकास के बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर एक मेट्रोपॉलिटन सिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को विधिक सहायता प्रदान की गई है। सांदीपनि आश्रम को भव्य स्वरूप दिया जाएगा और स्कूलों में ड्रॉप-आउट दर को शून्य प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश कृषि, उद्योग, युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, सुशासन और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर आयोजन
उल्लेखनीय है कि दो वर्षों बाद उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसका मुख्य आयोजन कार्तिक मेला ग्राउंड के समीप दत्त अखाड़ा और रामघाट क्षेत्र में होगा। इसी कारण इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड और मुख्य समारोह का आयोजन इसी क्षेत्र में करते हुए सिंहस्थ मेला क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने का संदेश दिया गया।










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