भोपाल, 24 जुलाई । दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस के "छात्रों की गूंज"** अभियान के तहत शुक्रवार को भोपाल में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने तिरंगा मार्च निकाला। यह तिरंगा मार्च 10 नंबर मार्केट से शुरू होकर 11 नंबर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा, जहां प्रतिभागियों ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
तिरंगा मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-युवा हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
एआईसीसी कोऑर्डिनेटर एवं एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. अंशुल त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगी।
एनएसयूआई मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र लंबे समय से चिंतित हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने कहा कि छात्र निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। वहीं युवा कांग्रेस नेता अंकित दुबे ने कहा कि युवाओं का आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए है तथा सरकार को छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। मार्च में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
युवाओं पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने भोपाल में निकला तिरंगा मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई

















