धनवेल हाइब्रिड सीड्स ने निवेशकों को दिया झटका, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट


व्यापार 26 August 2026
post

धनवेल हाइब्रिड सीड्स ने निवेशकों को दिया झटका, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

नई दिल्ली, 26 अगस्त । एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए उन्नत गुणवत्ता वाले बीज तैयार करने वाली कंपनी धनवेल हाइब्रिड सीड्स लिमिटेड के शेयरों ने आज अपने आईपीओ निवेशकों को करारा झटका दिया। कंपनी के शेयरों की आज स्टॉक मार्केट ने फ्लैट लेवल पर एंट्री हुई। निवेशकों को तब और झटका लगा, जब बिकवाली के दबाव में ये शेयर लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए।

आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 99 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 99 रुपये के स्तर पर ही हुई। लिस्टिंग के निवेशकों को और झटका तब लगा, जब ये शेयर बिकवाली के दबाव में लुढ़क कर 94.05 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 4.95 रुपये यानी पांच प्रतिशत का नुकसान हो गया।

कंपनी का 26.73 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 से 21 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन फुली सब्सक्राइब यानी 100 प्रतिशत हुआ था। वहीं, नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.24 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 3.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

धनवेल हाइब्रिड सीड्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.91 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 6.12 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 35.49 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 44.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 74.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1.94 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 7.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.65 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 13.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 19.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 27 लाख रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 9.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 13.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.79 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 9.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

You might also like!




Advertisment