सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। खासतौर पर सावन के सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं। सावन के आखिरी सोमवार का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग फलाहार करते हैं और अनाज के सेवन से परहेज करते हैं। ऐसे में अगर आप भी व्रत रख रहे हैं और कुछ स्वादिष्ट खाने का मन है तो घर पर आसानी से व्रत वाली टिक्की तैयार कर सकते हैं।
व्रत के दौरान अक्सर लोग आलू, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, मूंगफली, मखाना और फल जैसी चीजों का सेवन करते हैं। इन्हीं में से कुछ सामग्री का इस्तेमाल करके स्वादिष्ट और कुरकुरी व्रत वाली टिक्की बनाई जा सकती है। इसे तैयार करने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और घर में उपलब्ध सामान्य व्रत सामग्री से इसे बनाया जा सकता है। व्रत वाली टिक्की बनाने के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, आधा कप भुनी हुई मूंगफली, 2 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, आधा चम्मच जीरा, स्वादानुसार सेंधा नमक, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, थोड़ा नींबू का रस और टिक्की सेंकने के लिए घी या व्रत में इस्तेमाल होने वाला तेल चाहिए। अगर आप टिक्की को ज्यादा कुरकुरा बनाना चाहते हैं तो इसमें थोड़ा सिंघाड़े या कुट्टू का आटा भी मिला सकते हैं।
सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धोकर उबाल लें। आलू ठंडे होने के बाद उनका छिलका उतारकर एक बड़े बर्तन में अच्छी तरह मैश कर लें। ध्यान रखें कि आलू में बड़े टुकड़े न रहें। इसके बाद भुनी हुई मूंगफली को हल्का दरदरा पीस लें। मूंगफली टिक्की का स्वाद बढ़ाने के साथ ही इसे कुरकुरा बनाने में भी मदद करती है। अब मैश किए हुए आलू में दरदरी मूंगफली डालें। इसके बाद बारीक कटी हुई हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा, काली मिर्च पाउडर और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाएं। इसमें थोड़ा नींबू का रस डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें। अगर मिश्रण ज्यादा नरम लग रहा है तो इसमें एक या दो चम्मच सिंघाड़े का आटा मिला सकते हैं। इससे टिक्की को आकार देने और सेंकने में आसानी होगी।
तैयार मिश्रण को कुछ मिनट के लिए रख दें। इसके बाद हाथों पर थोड़ा घी लगाकर मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और हथेलियों के बीच दबाकर टिक्की का आकार दें। आप अपनी पसंद के अनुसार छोटी या बड़ी टिक्की बना सकते हैं। सभी टिक्कियां तैयार होने के बाद उन्हें एक प्लेट में रख लें। अब गैस पर तवा या नॉनस्टिक पैन गर्म करें। पैन पर थोड़ा घी डालें और तैयार टिक्कियों को एक-एक करके रखें। टिक्कियों को धीमी से मध्यम आंच पर सेंकना बेहतर रहता है। इससे वे अंदर तक अच्छी तरह गर्म हो जाती हैं और बाहर से सुनहरी व कुरकुरी बनती हैं। एक तरफ से सुनहरी होने के बाद टिक्की को सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ भी घी लगाकर सेंक लें।
अगर आप ज्यादा तेल या घी से बचना चाहते हैं तो टिक्कियों को शैलो फ्राई करने के बजाय बहुत कम घी लगाकर तवे पर सेंक सकते हैं। एयर फ्रायर उपलब्ध होने पर उसमें भी इन्हें तैयार किया जा सकता है। हालांकि पकाने का समय उपकरण और टिक्की की मोटाई के अनुसार बदल सकता है। तैयार व्रत वाली टिक्की को गर्मागर्म परोसें। इसके साथ व्रत में खाई जाने वाली हरी चटनी या दही परोसा जा सकता है। हरी चटनी बनाने के लिए धनिया, हरी मिर्च, नींबू का रस और सेंधा नमक इस्तेमाल किया जा सकता है। दही पसंद करने वाले लोग इसमें सेंधा नमक और भुना जीरा मिलाकर टिक्की के साथ खा सकते हैं। व्रत वाली टिक्की की खास बात यह है कि इसे अपनी पसंद के अनुसार कई तरीकों से तैयार किया जा सकता है। आलू के साथ उबली हुई अरबी या भिगोया हुआ साबूदाना मिलाकर भी टिक्की बनाई जा सकती है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ी कद्दूकस की हुई अदरक भी डाली जा सकती है। हालांकि व्रत में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री और नियम अलग-अलग परिवारों व परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनना बेहतर है। सावन के आखिरी सोमवार पर पूजा और उपवास के बीच अगर आप ऐसा फलाहार चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने वाला भी हो तो व्रत वाली आलू टिक्की अच्छा विकल्प बन सकती है। कम सामग्री और आसान तरीके से तैयार होने वाली यह टिक्की घर के दूसरे सदस्यों को भी पसंद आ सकती है।


















