शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग पर भोपाल में धरना, निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी


शहर 24 August 2026
post

शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग पर भोपाल में धरना, निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी

भोपाल, 24 अगस्त । मध्य प्रदेश में वर्ग-2 माध्यमिक और वर्ग-3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। आंदोलन के दौरान ब्यावरा निवासी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने से स्थिति गंभीर हो गई।

आंदोलनकारियों के मुताबिक नरेंद्र पिछले चार दिनों से निर्जल अनशन पर हैं। सोमवार तड़के करीब 3 बजे उन्हें अचानक चक्कर और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत हुई। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। आंदोलनकारियों का दावा है कि पुलिस प्रशासन की ओर से नरेंद्र को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

मांग पूरी होने तक नहीं हटूंगा

नरेंद्र राजपूत का कहना है कि जब तक सरकार शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं करती, तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से धरना स्थल पर ही चिकित्सकों की टीम भेजकर स्वास्थ्य जांच कराने की मांग की है। आंदोलनकारियों के अनुसार चार दिनों से भोजन और पानी नहीं लेने के कारण नरेंद्र की कमजोरी बढ़ती जा रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद साथी अभ्यर्थियों ने प्रशासन से तत्काल चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

वर्ग-2 में हर विषय के 3 हजार पद बढ़ाने की मांग

अभ्यर्थियों की मुख्य मांग वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की है। उनका कहना है कि वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के 3 हजार पद बढ़ाए जाएं, जबकि वर्ग-3 में कुल 25 हजार पद किए जाएं। इसके साथ ही बढ़े हुए पदों पर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग भी की जा रही है।अभ्यर्थियों का दावा है कि शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में पर्याप्त पद शामिल नहीं किए गए। उनका कहना है कि इसके चलते पात्रता और चयन परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने वाले कई अभ्यर्थी भी नियुक्ति से बाहर हो गए हैं।

21 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना

पदवृद्धि की मांग को लेकर प्रदेशभर से अभ्यर्थी 21 अगस्त को भोपाल पहुंचे थे। अभ्यर्थियों ने डीपीआई के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पहले भी नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में भोपाल में प्रदर्शन और धरना दे चुके हैं। उनका आरोप है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद अब तक भर्ती में अपेक्षित पदवृद्धि नहीं की गई।

दूसरी काउंसलिंग शुरू कराने पर जोर

अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती में पद बढ़ने से बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। वे बढ़े हुए पदों के आधार पर दूसरी काउंसलिंग शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है। वहीं निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने के बाद धरना स्थल पर चिकित्सा व्यवस्था और प्रशासन की भूमिका को लेकर भी स्थिति पर नजर बनी हुई है।

You might also like!




Advertisment