केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को अहमदाबाद में भारत में 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों और 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी की समीक्षा की। बैठक में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल हुए।
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि मोदी सरकार भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के माध्यम से वैश्विक खेल गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक की भारत की दावेदारी के साथ-साथ 2029 पुलिस एवं फायर गेम्स और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
खेलों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अन्य लॉजिस्टिक इंतजामों की निगरानी में गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
राष्ट्रमंडल खेल करीब दो दशक बाद भारत लौटेंगे और 2030 में अहमदाबाद में आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली ने पहली बार इन खेलों की मेजबानी की थी।
अहमदाबाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में भी शामिल है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, जिनके पास खेल विभाग भी है, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के साथ होने वाली बातचीत में शहर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
भारत फिलहाल 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए चयन प्रक्रिया के ‘कंटीन्यूअस डायलॉग’ चरण में है। भारत की दावेदारी पर फैसला 2029 से पहले होने की उम्मीद नहीं है।
इससे पहले अहमदाबाद में विश्व पुलिस एवं फायर गेम्स आयोजित किए जाएंगे। यह शहर में होने वाली पहली बड़ी बहु-खेल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता होगी। इस आयोजन में करीब 70 देशों के 10,000 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।


















