राजगढ़, 13 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर स्थित सेवा सदन कार्यालय में मंगलवार को कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने बैठक कर क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर नव नियुक्त चिकित्सकों से संवाद किया। इस दौरान क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
राज्यमंत्री टेटवाल ने चिकित्सकों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का काम केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि पीड़ित मानवता की सेवा करना भी है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र ही लोगों के उपचार का प्रमुख आधार होते हैं। इसलिए डॉक्टर सुनिश्चित करें कि मरीजों को समय पर परामर्श, जरूरी जांच और उचित उपचार मिले।
बैठक में मंत्री ने चिकित्सकों से उनके कार्यस्थलों पर उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, चिकित्सा उपकरणों और कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विभागीय समन्वय और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया।राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि सरकार आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चिकित्सक अपनी सेवाओं को केवल नौकरी तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जनसेवा का माध्यम बनाएं। मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, समय पर उपलब्धता और जिम्मेदारी के साथ उपचार उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्री ने कहा कि गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नव नियुक्त चिकित्सक अपने ज्ञान और सेवाभाव से सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजगढ़ःस्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात 15 नए डॉक्टरों से मंत्री टेटवाल ने किया संवाद
















