भोपाल, 08 मई । हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन दिवसीय मीडिया महाकुंभ (राष्ट्रीय विमर्श) का आयोजन किया जा रहा है। भारत भवन में सुबह 10.30 बजे इसका शुभारंभ होगा।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और वीर भारत न्यास की संयुक्त पहल पर 'प्रणाम! उदंत मार्तण्ड' शीर्षक से भारत भवन में 8, 9 और 10 मई 2026 को आयोजित इस समारोह में तीन सत्र भारत केंद्रित होंगे, जिन्हें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण और फिल्मकार डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में भारत भवन, दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान, मप्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद भी सहयोगी हैं।
वीर भारत न्यास के अनुसार, कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण (अयोध्या) करेंगे। समारोह को पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर, डॉ. सी. जयशंकर बाबु, कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी और वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी संबोधित करेंगे। विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ पत्रकार विष्णुप्रकाश त्रिपाठी, नगमा सहर, सईद अंसारी, उदय सिन्हा, अमिताभ अग्निहोत्री, जयंती रंगनाथन, डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, प्रो. कृपाशंकर चौबे, प्रो. सोमा बंद्योपाध्याय, विकास मिश्र, प्रफुल्ल केतकर, प्रत्यूष रंजन, शैलेश पाण्डेय, हितेश शंकर, प्रतीक त्रिवेदी, राशिद किदवई, अनिल पाण्डेय, दिलीप शर्मा, शरद गुप्ता, सलमान रावी शामिल होंगे। इस अवसर दो सौ वर्षों की पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित समाचार पत्रों की प्रदर्शनी भी प्रदर्शित की जा रही है। साथ ही देश के आठ वरिष्ठ कार्टूनिस्ट अपना लाइव कार्टून शो करेंगे।
तीन किताबों का लोकार्पण
इस मौके विद्यार्थियों के अनुभवों पर केंद्रित पुस्तक 'माखन के लाल', 'कार्टून कथा' और 'खजुराहो' का लोकार्पण होगा। विश्वविद्यालय के प्रायोगिक अखबारों 'विकल्प', 'पहल' और 'अभ्युदय' के विशेर्पाकों का भी विमोचन होगा। इसी तरह इलेक्ट्रानिक मीडिया के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई तीन डाक्यूमेंट्री भी इस मौके पर रिलीज होगी। समारोह में प्रतिदिन 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
भारत स्वाभिमान नागा साधु ज्ञान कोष प्रदर्शनी
भारत भवन परिसर में भारत स्वाभिमान-नागा साधु ज्ञान कोष प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केन्द्र होगी। जिसमें शिवकालीन, नागा शस्त्र परंपरा एवं 1857 में भाग लेने वाले वीरों के अस्त्र-शस्त्र को प्रदर्शित किया जा रहा है। जिसमें 16वीं से 18वीं शताब्दी की लगभग 2500 से अधिक ऐतिहासिक प्रादर्श हैं। इनमें भारतीय स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम (1857) से सीधे संबंधित कई अत्यंत महत्वपूर्ण प्रादर्श शामिल हैं। मंगल पांडे की बंदूक, होशियार सिंह हंसा की बंदूक और रानी लक्ष्मीबाई (झांसी) के परिवार से संबंधित एक आग्नेयास्त्र। संग्रह में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपयोग किए गए आठ शस्त्र तथा 1857 के विद्रोह से जुड़ी बिदूर की वस्तुएँ भी शामिल हैं। प्रदर्शनी की थीम के अनुरूप ही अत्यंत पवित्र नाग शस्त्रागार जैसे त्रिशूल और वीर कंकण तथा नागा व्यायाम शालाओं-अखाड़ों में उपयोग होने वाले पारंपरिक उपकरण भी शामिल हैं। यह सामग्री कोर हेरिटेज, पुणे द्वारा संग्रहीत की गई है।



















